इंदौर. किडनी कांड में सबकुछ फर्जी नजर आ रहा है। किडनी लेन-देन के लिए एसएमएस भी फर्जी मोबाइल नंबरों से किए गए। भास्कर ने नामों व स्थानों की तहकीकात की तो यह खुलासा हुआ। किडनी कांड के मुख्य आरोपी राजेंद्र नागर ने इंदौर में किडनी बेचने के लिए उज्जैंन के रमेश जैन को भेजा था।
उसने यहां 104, गणोश्वरी अपार्टमेंट, मनीषपुरी, साकेत में रहने वाल स्टेट बैंक के रिटायर्ड अधिकारी मानसिंग मारू से संपर्क किया। करीब डेढ़ साल पहले से श्री मारू की पत्नी प्रेमलता मारू की एक किडनी खराब है। इसलिए डॉक्टर ने उन्हें नई किडनी लगवाने को कहा।
श्री मारू ने इंदौर के एक सांध्य दैनिक में करीब छह माह पहले किडनी दान करने के लिए विज्ञापन भी निकाला था। रमेश और मारू के बीच दो माह तक किडनी के सौदे को लेकर बातचीत चलती रही।
15 हजार खर्च किए रमेश की जांच पर
रमेश से किडनी लेने से पहले श्री मारू ने कई जांचों में करीब 15 हजार रुपए खर्च किया। इसके बाद ही कीमत तय करने की बात हुई। इस बीच रमेश इस काम के लिए इंदौर में आता-जाता रहा। रमेश को हाई ब्लडप्रेशर निकला जिस पर डॉक्टर ने ऐतराज किया।
श्री मारू ने कहा उन्हें इसी दौरान पता चला कि ब्लड रिलेशन में किडनी दी जा सकती है। नागर ने उन्हें इंदौर में उनका रिश्तेदार बताने के लिए कागजात तैयार करने को कहा और इसके लिए मोटी रकम भी मांगी। श्री मारू ने बताया लेकिन रमेश की बीमारी के कारण उन्होंने उसकी किडनी लेने से इंकार कर दिया।
नागर ने कहा दूसरे भी तैयार हैं
जब रमेश की किडनी का सौदा नहीं हो सका तो राजेन्द्र ने दूसरा व्यक्ति को भेजने की पेशकश की। इस पेशकश को श्री मारू ने ब्लड रिलेशन वालों की किडनी लेने की बात पता चल जाने पर ठुकरा दिया क्योंकि वे किसी भी मुसीबत में पड़ना नहीं चाहते थे। श्रीमती मारू इन दिनों डायलिसिस पर हैं। श्री मारू के मोबाइल नंबर पर आए किडनी बेचने वालों के एसएमएस जिन पर भास्कर संवाददाता ने बात की।
मैं एसएमएस करना और देखना नहीं जानता
इन सभी एसएमएस के संबंध में श्री मारू का कहना था कि वे मोबाइल से एसएमएस करना और उसे देखना नहीं जानते, कौन-सा नंबर किसका है, उन्हें यह भी नहीं पता।
दूसरे किडनी बेचने वाले भी आए थे सामने
श्री मारू के विज्ञापन देने के बाद इंदौर-उज्जैन व प्रदेश के आसपास के कई लोग उनके संपर्क में आए। इनमें से अधिकांश किडनी के बदले एक करोड़ रुपए तक की मोटी रकम चाहते थ। उनके नाम और नंबर देने की बात पर श्री मारू का कहना था कि अधिकांश लोगों के एसएमएस आए थे जो अब डिलिट हो गए और जिन कागजों में उनके नंबर लिखे थे, अब वह भी नहीं है।
पैरेलल इन्वेस्टिगेशन
मारू के मोबाइल पर सौदे के लिए आए एसएमएस
पहला एसएमएस
मोबाइल नंबर 9993225818 से श्री मारू के मोबाइल पर एसएमएस आया कि किडनी के लिए बात करना है तो फोन लगाओ। उक्त नंबर पर जब भास्कर संवाददाता ने फोन किया और एसएमएस का कारण पूछा तो पहले मो. हयात अली ने बात की और किडनी कांड की बात करने से भी इनकार कर दिया। दूसरी बार इसी नंबर पर गोवर्धन पोरवाल ने बात की और उन्हें पूरा मामला बताते हुए उनसे एसएमएस करने का कारण पूछा तो उनका कहना था कि पेपर में किडनी चाहिए का विज्ञापन पढ़कर उनके सहयोगी ने मजाक में एसएमएस कर दिया था। उनका संबंध किडनी बेचने आदि से नहीं है।
दूसरा..
मोबाइल नंबर 9926099353 से श्री मारू को एसएमएस किया गया था कि फोन करें। संतोष ने अभी फोन लगाया था किडनी के लिए। इस नंबर पर भास्कर संवाददाता की बात अपना नाम योगेश बताने वाले व्यक्ति से हुई। उसका कहना था कि वह मारू को नहीं जानता और न ही उसने कभी उन्हें एसएमएस किया है। आखिर श्री मारू के मोबाइल पर उनका नंबर कहां से आया गया? इसका वह कोई जवाब नहीं दे सका।
तीसरा..
मोबाइल नंबर 9300898940 से एमएमएस आया था कि- क्वालिटी ड्रग हाउस दवा बाजार एमवाय अस्पताल के सामने 1500 रुपए में न्यूरेक 5000 दवा उपलब्ध है। मै ट्रेन में हूं कृपया ले लें। इस पर जब संवाददाता ने तीन बार फोन किया तो उन्होंने अपना नाम नीनाद बताते हुए कहा वे एमआर हैं। वे श्री मारू को नाम से नहीं जानते मगर उन्हें एक डॉक्टर का नाम बताते हुए मुझसे किडनी संबंधी एक दवा डीलर प्राइज पर मांगी थी। मैंने उन्हें एसएमएस कर मेडिकल शॉप से लेने के लिए कहा था।
बिना किसी पर्ची के दवा कैसे दे दी? इस पर उनका कहना था कि यदि डॉक्टर कोई नाम बता दे तो हम उसे दवा डीलर प्राइज पर दे सकते हैं। यह दवा किडनी खराब होने पर खून बढ़ाने के लिए दी जाती है। इससे ज्यादा मेरा किसी से कोई संबंध नहीं है।