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इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी की हत्या

इंदौर. murder बेटा विजय, बहू पायल व चार वर्षीय पोती तनीषा वैष्णोदेवी गए इसलिए इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी जवाहरलाल खानचंदानी चंद्रलोक कॉलोनी स्थित अपने फ्लैट नंबर 102 में अकेले थे। सोमवार रात पद्मावती अपार्टमेंट के बाकी फ्लैटों के दरवाजे बाहर से बंदकर उनकी हत्या कर दी गई और नकदी-जेवरात ले गए।

सुबह अपार्टमेंट के लोग उठे तो फ्लैटों के दरवाजे ही नहीं खुले। 7 बजे दूधवाला और हॉकर पहुंचे तो लोगों ने चिल्लाकर दरवाजे खुलवाए। फिर पहली मंजिल पर श्री खानचंदानी के सामने रहने वाले सदानंद बाकरे बाहर निकले तो श्री खानचंदानी के फ्लैट का दरवाजा खुला दिखा। इस बीच हॉकर ने अन्य फ्लैटों के दरवाजे खोले तो लोग भी बाहर आए।

फिर श्री खानचंदानी को काफी आवाज लगाई। कोई जवाब नहीं मिला तो वे अंदर गए और देखा तो चीख निकल गई। वारदात का पता चलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पूरे फ्लैट का सामान अस्त-व्यस्त था, पास ही शराब की बोतलें भी पड़ी थी और बेडरूम में पलंग पर श्री खानचंदानी का शव पड़ा था व मुंह से खून निकला हुआ था।

तत्काल पुलिस को सूचना दी तो एसपी आरके चौधरी, एडीशनल एसपी महेशचंद जैन, सीएसपी इरमिन शाह, टीआई अशोक राणा व एफएसएल विशेषज्ञ डॉ. सुधीर शर्मा पहुंचे। दोनों बेडरूमों में रखी छह अलमारियों व एक पलंग पेटी का पूरा सामान बाहर बिखरा था।

बेटे व बहनों को खबर की
इस बीच लोगों ने श्री खानचंदानी के बेटे विजय को मोबाइल पर सूचना दी जो दर्शन करने के बाद परिवार सहित दिल्ली में था। कुछ पड़ोसियों ने साकेतनगर और शीतलनगर में रहने वाली श्री खानचंदानी की दोनों बहनों नानकी ललवानी और दया मोटवानी को सूचना दी।

10 बजे खाना खाया था
रिश्तेदारों ने बताया कि संभवत: रविवार होने से उनकी दुकान बंद थी। बेटे-बहू के वैष्णोदेवी जाने के दौरान भतीजे का बेटा हिमालय उन्हें भोजन देने आता था। रविवार रात 10 बजे वह आया और उन्हें खाना खिलाने के बाद टिफिन ले गया। इसके बाद वे सोने चले गए।

नजदीकी लोगों ने दिया अंजाम!
परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से लगता है हत्यारों की संख्या तीन थी और वे खानचंदानी परिवार की दिनचर्या से वाकिफ थे और उन्हें बेटे व बहू के बाहर होने की जानकारी भी थी। पड़ोसियों के मुताबिक वारदात 4 बजे बाद की हो सकती है क्योंकि 2 बजे तक ऊपरी मंजिल पर रहने वाला एक परिवार जाग रहा था जबकि श्री बाकरे ने 4 बजे कुछ आवाज सुनी थी। हाथों या तकिये से गला घोंटकर हत्या की गई।

अपार्टमेंट में चौकीदार भी नहीं
जहां वारदात हुई हुई उस अपार्टमेंट में कुल जमा छह फ्लैट हैं और चौकीदार भी नहीं है। लोगों ने बताया आसपास अक्सर असामाजिक तत्व घूमते रहते हैं।

सोने के दौरान गला घोंटा
जांच में पता चला कि बदमाशों ने पहले सभी फ्लैटों के दरवाजों को बाहर से बंद कर दिया ताकि कोई मदद के लिए नहीं आए। इसके बाद उन्होंने श्री खानचंदानी के फ्लैट के चैनल गेट सहित दोनों दरवाजों के ताले व नकूचों को तोड़कर अंदर घुसे। जिस हालत में श्री खानचंदानी की लाश मिली है उससे लगता है कि उनकी नींद खुलते ही बदमाशों ने गला घोंटकर हत्या कर दी।

संभवत: उन्होंने हमलावरों को पहचान लिया था। पुलिस का खोजी कुत्ता भी घर से कुछ दूर जाकर रुक गया। अंदाजा है कि बदमाश वहां से वाहन से भागे। पुलिस परिवार के लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल्स, उनकी दुकान से जुड़े लोगों, कुछ कारीगरों सहित अन्य बिंदुओं पर तस्दीक कर रही है।

सारे फ्लैटों को बाहर से बंद कर की वारदात
कहां- चंद्रलोक कॉलोनी
कब- सोमवार रात
कैसे- गला दबाकर
कौन- जवाहरलाल खानचंदानी (62) जिनकी नसिया रोड पर इलेक्ट्रॉनिक की दुकान है।
एक लाख नकदी व 60 हजार रु. के जेवरात लूटे। श्री खानचंदानी के 3 मोबाइल भी ले गए। उन पर बात करने की कोशिश की तो वे बंद थे।





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