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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. कोतवाली थानाक्षेत्र के गुब्बारा फाटक पर मां-बेटे की मौत के मामले में पुलिस मंगलवार को भी उलझी रही। मां की हत्या और बेटे को जहर किसने पिलाया, इसका खुलासा नहीं हो सका। मौसेरे दामाद की तलाश में र्गई पुलिस पार्टियां भी खाली हाथ लौट र्आई।
उल्लेखनीय है कि रविवार की सुबह गुब्बारा फाटक पर रहने वाली काशीपाल, इसके बेटे गणोश पाल की लाश पुलिस को इनके घर में मिली थी। वृद्ध काशीबाई की बेटी उमा घायल हालत में मिली थी। एक घर में दो लोगों की लाश मिलने की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए तुरंत पतारसी शुरू कर दी। प्रारंभिक पतारसी के बाद पुलिस ने अनुमान लगाया कि मां की हत्या के बाद बेटे ने खुद तेजाब पी लिया।
बाद में जब गणोश की मोटरसाइकिल, मोबाइल और घर में से कुछ जेवरात गायब मिले तो पुलिस को अपनी थ्योरी बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। दूसरा, जिस तरह से गणोश ने तेजाब पिया था, उसका तरीका भी ऐसा नहीं था जैसा आत्महत्या करने वाले सामान्यत: उपयोग करते हैं।
इस बीच पुलिस को मालूम पड़ा कि रात को काशीबाई का मौसेरा दामाद मोहन पाल तथा इसके साथ एक और व्यक्ति काशीबाई के घर में रुका था, इसके बाद से ही वह फरार है। इसकी तलाश में पुलिस पार्टियां छतरपुर, हाथरस और नूराबाद र्गई थीं। मोहन पाल के रिश्तेदार यहां रहते थे। रिश्तेदारों के यहां पुलिस को मोहन नहीं मिला।
अब पुलिस गणोश की बहन उमा के होश में आने का इंतजार कर ही है, इसके होश में आने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा। हालांकि अभी पुलिस इस पूरे मामले में मोहन का हाथ मानकर चल रही है।