सोनीपत.
राष्ट्रीय खेल हॉकी को पूर्ण सम्मान दिलाने के लिए अब खेल विभाग पहले से अधिक गंभीर नजर आ रहा है। विभाग ने खेल मंत्रालय के तहत एक योजना तैयार की है, जिसमें विभाग द्वारा विभिन्न स्कूल गोद लिए जाएंगे। चयनित स्कूलों में हॉकी में अपना भविष्य चाहने वाले विद्यार्थियों को हर सुविधा दी जाएगी। खेल मंत्रालय की योजना को अमलीजामा पहनाने वाला देश में हरियाणा पहला राज्य होगा।
खेल मंत्रालय की बैठक में हुआ निर्णय
जून माह की शुरुआत में खेल मंत्री एमएस गिल की अध्यक्षता में खेल मंत्रालय की बैठक में हाकी की मौजूदा स्थिति और सुधार पर विचार किया। बैठक में साई के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। हॉकी की चिंतनीय स्थिति के लिए ग्रास रूट लेवल कमजोर होना कारण पाया गया।
पहले जहां हॉकी, वहां होगा प्रयोग
योजना की कामयाबी के लिए खेल विभाग ने पहले इसे उन जिलों में शुरू करने का फैसला किया है, जहां हॉकी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। पहले चरण में गुड़गांव, सिरसा, शाहाबाद शामिल हैं। दूसरे चरण में हिसार, सोनीपत, अंबाला में योजना शुरू किए जाने की संभावना है।
योजना का स्वरूप
हर जिले से छह स्कूलों का चयन होगा, जिनमें हाकी में रुचि रखने वाले 12 से 15 विद्यार्थियों को चुना गया। इन विद्यार्थियों को खेल विभाग के प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
>> हॉकी के स्तर को ग्रास रूट लेवल से उठाने के लिए योजना की शुरुआत गुड़गांव से होगी। सफलता के बाद इसे अन्य जिलों में भी शुरू किया जाएगा।
एमएल बैरागी, डिप्टी डायेरक्टर, खेल विभाग,चंडीगढ़