HomeNewsNational National

करार पर करें देश की शंकाओं का समाधान: सपा

नई दिल्ली.यूएनपीए की मुख्य घटक समाजवादी पार्टी ने भारत-अमेरिकी परमाणु करार पर अपने पत्ते नहीं खोलते हुए बुधवार को मांग की है कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से देश की शंकाओं का समाधान करें। सपा नेता अमर सिंह ने पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के साथ यहां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन से मुलाकात के बाद इस आशय के विचार जताए। उन्होंने यह भी मांग की कि आईएईए में ईरान के खिलाफ मतदान पर भी सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करे।

अमर सिंह ने कहा कि उन्होंने नारायणन के सामने अपनी शंकाओं को रखा और नारायणन ने उनका समाधान किया। हालांकि अमर सिंह ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे नारायणन के जवाब से संतुष्ट हैं या नहीं। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे पत्रकारों के माध्यम से कुछ नहीं कहना चाहते। यूएनपीए की गुरुवार को प्रस्तावित बैठक में चर्चा के बाद ही वे अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। यूएनपीए की यह बैठक करार के मुद्दे पर इसके घटकों के बीच व्यापक मतभेद के बीच होगी।

तेलुगु देशम पार्टी, असम गण परिषद और इंडियन नेशनल लोकदल ने करार पर अपनी आपत्ति पहले ही जता दी है। बैठक से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के मुजफ्फर नगर के सांसद मुनव्वर हसन ने भी करार को मुस्लिम विरोधी बताते हुए बगावत के संकेत दिए हैं।

इससे पहले, सिंह ने अपने वोट बैंक तथा सरकार को बचाने की जद्दोजहद के बीच करार के बजाय धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए बीच का रास्ता निकालने के संकेत दिए। सपा नेता ने दावा किया कि माकपा महासचिव प्रकाश करात से मुलाकात के दौरान उन्होंने उनसे सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया था। अमर सिंह के मुताबिक, करात भी समय से पहले चुनाव के खिलाफ दिखे।

करार के समर्थन के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब अमर सिंह बड़ी सफाई से टाल गए। सपा के बदलते रुख और पार्टी की कांग्रेस से नजदीकियां बढ़ने के संकेतों के बीच गुरुवार की बैठक से पहले यूएनपीए में कुछ दरारें नजर आने लगी हैं।

इस बैठक पर वामदलों की भी निगाहें लगी हैं। भाकपा नेताओं एबी वर्धन और शमीम फैजी ने दावा किया कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में वे अकेले नहीं है। यदि यूएनपीए करार के विरोध में आगे आता है तो सरकार इस मुद्दे पर अल्पमत में रह जाएगी।

मेरा मानना है कि वामदल सरकार को नुकसान पहुंचाने वाली कोई बात नहीं करेंगे। वे सांप्रदायिक शक्तियों के लिए कोई जगह नहीं छोड़ेंगे।’

- टीआर बालू, द्रमुक नेता और केंद्रीय मंत्री





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: