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पहिये थमे : माल ढुलाई बंद

नई दिल्ली. सरकार द्वारा डीजल पर लगाई गई ड्यूटी व टोल टैक्स के विरोध में तथा अन्य संबंधित मांगों को लेकर देश भर के ट्रक आपरेटर अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले गए हैं। ट्रक आपरेटरों नर्े ईधन व आवश्यक वस्तुओं के अलावा सभी वस्तुओं की ढुलाई तत्काल प्रभाव से बंद कर दी है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मान ली जातीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

आधी रात से शुरू हड़ताल :

मंगलवार मध्य रात्रि से सरकारी प्रावधानों के विरोध में ट्रक आपरेटरों के हड़ताल पर जाने से परिवहन व्यवस्था पटरी से उतर गई। इस दौरान परिवहन व वित्त मंत्रालय में मुख्य सचिव स्तर की बैठकों में मसले पर चर्चा होती रही।

बेनतीजा रही बातचीत :

टोल टैक्स मुद्दे पर केंद्रीय राजमार्ग व सड़क परिवहन मंत्री टी आर बालू व आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पदाधिकारियों की बातचीत बेनतीजा समाप्त हुई। बालू ने टैक्स वापस लेने से साफ इंकार कर दिया।

पेट्रोलेयिम मंत्रालय के जवाब का इंतजार :

बालू का कहना है कि उन्होंने पेट्रोलियम मंत्रालय से बातचीत कर उन्हें ट्रक आपरेटरों की मांगें बता दी हैं। जल्द ही उनका स्पष्टीकरण आ जाएगा। ट्रक आपरेटरों ने मांग की थी कि डीजल पर एड वेलोरम ड्यूटी के बजाए प्रति लीटर निश्चित शुल्क लागू किया जाए।

इन मांगों पर सहमत सरकार

१) सेवा कर में रियायत : वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वह ट्रक वालों की सेवा कर में रियायत संबंधी मांग पर विचार करने को राजी है। सेंट्रल बोर्ड आफ एक्साइज एंड कस्टम (सीबीईसी) के सदस्य वी श्रीधर ने कहा है कि वे एबेटमेंट रेट में ७५ फीसदी से अधिक वृद्धि करने को तैयार हैं। एबेटमेंट रेट को बिल की कुल राशि से घटा कर ही देय कर की गणना होती है।

२) डीजल खरीद : बालू ने आदेश जारी किए हैं कि ट्रांसपोर्टर जिस तरह का चाहें उन्हें उस तरह का डीजल खरीदने दिया जाए। एआईएमटीसी ने आरोप लगाया था कि सरकार कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की आड़ में उन्हें अधिक व अनिश्चित कीमतें अदा करके प्रीमियम श्रेणी का डीजल खरीदने को मजबूर कर रही है।

इन पर नहीं बनी बात :

१) स्पीड गवर्नर : बालू ने ट्रक आपरेटरों की सड़कों पर से स्पीड गवर्नर हटाने की मांग के संबंध में कहा है कि यह विषय राज्य सरकार के अधीन है। वे महीने के अंत में राज्य के परिवहन मंत्रियों से चर्चा करके इसका हल खोजने का प्रयास करेंगे।

२) टोल टैक्स समाप्ति

३) डीजल पर एड वेलोरम ड्यूटी की जगह निश्चित शुल्क

४) मेकैनिल टैक्स

जिलों में असर

विदिशा हड़ताल पर: साढ़े पांच सौ ट्रक नुकसान: रोजाना करीब साढ़े आठ लाख रुपए का। असर: अनाज, सब्जियां, फल, राशन किराना आदि वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित होगी।

बैतूल

हड़ताल पर: 2 हजार ट्रक नुकसान: व्यापारियों और ट्रक आनरों को लाखों रुपए का नुकसान बताया जा रहा है।

सीहोर

हड़ताल पर: 1000 ट्रक व 1200 अन्य लोडिंग वाहन। नुकसान: जिलेभर के व्यापारियों को लाखों का नुकसान।

गुना

हड़ताल पर: 150 ट्रक नुकसान: लाखंो रुपए का कारोबार प्रभावित।

छिंदवाड़ा

हड़ताल पर : 3000 ट्रक नुकसान: लाखों रु. का।

असर : किसानों की सब्जी मंडी तक नहीं पहुंच सकी।





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