भोपाल. विभिन्न मांगों को लेकर ट्रक आपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल का राजधानी में आंशिक असर रहा। हड़ताल के पहले दिन बुधवार को जो ट्रक सामान लेकर भोपाल पहुंचे उन्हें खाली करने की अनुमति दी गई परंतु नए सामान की बुकिंग नहीं की गई। इसके बाद ट्रकों के पहिए जाम हो गए। गुरुवार से हड़ताल का व्यापक असर दिखाई देगा, क्योंकि आपरेटरों ने अब बाहर से आने वाले किसी भी मालवाहक वाहन को खाली नहीं करने की चेतावनी दी है।
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर देशभर के ट्रक आपरेटर हड़ताल पर हैं। राजधानी में आज आने वाले अधिकांश ट्रक अन्य राज्यों से आए हुए थे, जो दो से चार दिन पूर्व वहां से चले थे। हड़ताल के बावजूद इन ट्रकों को खाली करने दिया गया। इसके पीछे बारिश का मौसम कारण रहा। यदि इन ट्रकों में सामान लदा रहता तो उसके खराब होने की आशंका थी।
यह सामान हो सकता है महंगा: श्री भोपाल ट्रांसपोर्ट के अध्यक्ष अशोक मालपानी का कहना है कि भोपाल में शक्कर, दालें, कपड़ा, तेल और मंडीदीप की फैक्ट्रियों के लिए कच्च माल दूसरे प्रदेशों से आता है। यदि हड़ताल एक सप्ताह से ज्यादा चलती है तो इन सभी की कीमतों में बढ़ोतरी होना शुरू हो जाएगी।
अनाज व्यापारियों को होगा नुकसान: जहां भोपाल में अन्य प्रदेशों से दीगर सामान आता है, वहीं भोपाल से महाराष्ट्र, गुजरात व राजस्थान के लिए अनाज भेजा जाता है। हड़ताल का असर अनाज के व्यापार पर भी पड़ेगा।
आज से सीमा पर रोका जाएगा ट्रकों को: भोपाल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शर्मा ने दावा किया कि हड़ताल सफल रही है। बुधवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों की एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें दस सदस्यीय चार उड़नदस्तों का गठन किया गया है। ये उड़नदस्ते गुरुवार से मंडीदीप, लालघाटी, जयपुर रोड बायपास और रायसेन रोड रत्नागिरि पर गश्त करेगा। उड़नदस्ते के सदस्य यहां से गुजरने वाले ट्रकों को रोकेंगे।
आवश्यक वस्तुओं पर रोक नहीं
ट्रकों की हड़ताल के दौरान आवश्यक वस्तुएं जिनमें सब्जियां, दूध, दवाएं व पेट्रोलियम उत्पाद शामिल हैं, उन्हें लाने-ले जाने की छूट दी गई है। ऐसा आवश्यक खाद्य सामग्री की कीमतों में हड़ताल के दौरान होने वाली बढ़ोतरी को रोकने के लिए किया गया है।