जम्मू/श्रीनगर.
अमरनाथ श्राइन बोर्ड को वन भूमि का आवंटन वापस लेने के खिलाफ भाजपा व हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शनों से पूरा जम्मू संभाग सुलग उठा है। बुधवार को विभिन्न इलाकों में हुई हिंसक झड़पों, पुलिस लाठीचार्ज व ग्रेनेड हमले में सीआरपीएफ के तीन जवानों समेत 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। उधर कश्मीर घाटी में चल रहा आंदोलन शांत हो गया है।
उधर, भूमि आवंटन रद्द कर दिए के बाद कश्मीर घाटी में दस दिनों की अशांति के बाद बुधवार को जनजीवन सामान्य हो गया है। जम्मू के कुछ क्षेत्रों में मंगलवार को कफ्यरू लगाए जाने के बाद बुधवार सुबह पूरे शहर में लागू कर दिया गया। पुलिस ने शहर के छह इलाकों में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। कई जगहों पर दो समुदायों के बीच पथराव व हिंसक झड़पें भी हुई हैं।
ग्रेनेड हमला : डोडा के भद्रवाह में प्रदर्शनकारियों की एक अन्य समुदाय के लोगों से झड़प हुई और बाद में ये लोग पुलिस से टकराए। प्रदर्शनकारियों पर ग्रेनेड फेंका गया जिसमें सीआरपीएफ के तीन जवानों समेत 20 लोग घायल हो गए।
इनमें से छह की हालत नाजुक है। उन्हें हेलीकॉप्टर से जम्मू लाया गया है। भद्रवाह में कफ्यरू लगा दिया गया है। वहां सेना ने फ्लैग मार्च किया। किश्तवाड़ और कठुआ में भी हिंसक प्रदर्शन हुए और पुलिस ने लाठीजार्च किया।
दो समुदायों में पथराव :
जम्मू से सटे सांबा में भाजपा व हिंदू संगठनों के प्रदर्शनकारियों की एक अन्य समुदाय के लोगों के साथ झड़प हुई। इस दौरान दोनों ओर से जबरदस्त पथराव हुआ। संघर्षरत गुटों को भगाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख वहां भी कफ्यरू लगाना पड़ा, जिसके बाद सेना ने फ्लैग मार्च किया।
जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर जाम : प्रदर्शनकारियों ने नगरोटा में जम्मू-श्रीनगर हाइवे जाम कर दिया। वहां पथराव व लाठीचार्ज भी हुआ है। उधमपुर में भी यही स्थिति रही।
कांग्रेसी नेता बने निशाना :
जम्मू में प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेसी नेताओं के घरों को निशाना बनाया। उच्च शिक्षा मंत्री गुलचैन सिंह चाढ़क के शास्त्रीनगर स्थित स्कूल पर जबरदस्त पथराव हुआ। हीरानगर में कांग्रेस विधायक गिरधारी लाल के घर पर भी पथराव हुआ है।
दस दिन बाद कश्मीर सामान्य :
उधर, कश्मीर घाटी में जमीन आवंटन के खिलाफ पिछले दस दिनों से हो रहे हिंसक प्रदर्शन बुधवार को बंद हो गए। श्रीनगर में सभी बाजार खुले और लोगों ने राहत की सांस ली। घाटी में हुए प्रदर्शनों के दौरान पांच लोगों की मौत होने के अलावा लगभग 500 लोग घायल हुए। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने मंगलवार को श्राइन बोर्ड को 40 हेक्टेयर वनभूमि हस्तांतरित करने के आदेश को रद्द कर दिया था।