इंदौर. खंडवा में ब्लैक लिस्टेड हो चुके देवास के टीना स्टूडियो विजन के संचालक राकेश जोशी को इंदौर विकासखंड में रोजगार गारंटी योजना के तहत बनाए जा रहे जॉब कार्ड में 3 रुपए 99 पैसे प्रति फोटो के हिसाब से करीब 13 लाख रुपए का फोटोग्राफी ठेका दिया गया। उसने इसके लिए जनपद पंचायत को जनवरी में डिमांड ड्राफ्ट के बजाय डेढ़ लाख रुपए का चेक दिया जो बाउंस हो गया।
इसके बावजूद अप्रैल तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद अमानत बतौर एफ.डी. ली और विकासखंड अधिकारी बी.एल. वर्मा व सहायक विकास विस्तार अधिकारी सुधांशु जटाले ने काम पूरा हुए बिना ही दो लाख रुपए का भुगतान कर अर्नेस्ट मनी जमा करवाई।
इसके बाद ठेकेदार ने 83 फीसदी काम कागजों में ही पूरा कर दिया और अधिकारियों ने पूरा भुगतान कर दिया। अब घोटाला उजागर हुआ तो जनपद अधिकारी पंचायत सचिवों पर फर्जी प्रमाणीकरण देने के लिए दबाव बना रहे हैं। ठेकेदार राकेश जोशी ने भी खुद भी स्वीकार किया है कि उसने फोटोग्राफी का काम पूरा नहीं किया। काम दो माह में पूरा करना था।
कहां-कितने जॉब कार्ड
सनावदिया में 600 कार्ड बनाए जाना थे पर बने केवल 113। करीब 2400 फोटो लिए जाना थे लेकिन लिए गए सिर्फ 250। अब पंचायत सचिव स्वदेश पाठक पर पूरे कार्ड बंटने और सभी में फोटो लगे होने का प्रमाणपत्र जारी करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
ग्राम पंचायत नैनोद में एक हजार जॉब कार्ड बनना थे और इनमें करीब तीन हजार फोटो खींचकर चस्पा किए जाना थे लेकिन दो कार्ड में ही फोटो पाए गए। सचिव संजय लावरे पर विकासखंड अधिकारी बी.एल. वर्मा, सुधांशु जटाले प्रमाण पत्र देने के लिए दबाव बना रहे हैं।
बिचौली मर्दाना के ग्राम सचिव राजेश श्रीवास्तव ने बताया 850 कार्ड बनाए जाना थे लेकिन 450 ही बने ही। करीब 2400 फोटो लिए जाना थे, लेकिन एक हजार से कम ही फोटोयुक्त कार्ड मिले।
बिलावली के सचिव संजय नागर के मुताबिक पांच सौ से ज्यादा फोटोयुक्त जॉब कार्ड बनना थे, लेकिन दो सौ के लगभग ही बने। अब प्रमाणपत्र के लिए परेशान किया जा रहा है।
लिम्बौदी के सचिव विष्णु मालवीय ने बताया 899 जॉब कार्ड में से एक में भी फोटो नहीं लगा। अब विकासखंड अधिकारी धमकी देकर प्रणामपत्र हासिल करना चाहते हैं।
किसी पर दबाव नहीं डाला
प्रभारी जनपद सीईओ रह चुके विकासखंड अधिकारी बी.एल. वर्मा का कहना है किसी भी पंचायत सचिव या समन्वयक पर प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दबाव नहीं डाला। अगर फोटोग्राफर ने गड़बड़ी की है तो जांच की जाएगी। उसने जितना काम किया, उतना ही भुगतान किया है।
जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है..
जबर्दस्ती करने वालों पर प्रकरण दर्ज कराऊंगा : जिला पंचायत सीईओ महेश चौधरी ने कहा अगर जनपद अधिकारी जबर्दस्ती करते हैं तो उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया जाएगा। रोजगार गारंटी योजना में लापरवाही मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा।
मैं नया हूं, गड़बड़ी मिली तो छोड़ूंगा नहीं : जनपद पंचायत सीइओ बी.एस. मंडलोई ने कहा मेरे पास अभी तक इस मामले की शिकायत नहीं आई है। पंचायत सचिवों से जॉब कार्ड पर फोटो की जानकारी लूंगा। अगर कहीं गड़बड़ी मिली तो ठेकेदार को नहीं छोडूंगा।