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संस्कृत बोर्ड परीक्षा में 34 शिक्षक नकल कराते पकड़े

डबरा. मध्यप्रदेश संस्कृत बोर्ड परीक्षा के दौरान बुधवार को कन्या विद्यालय में सामूहिक नकल कराने पर 34 शिक्षकों को एसडीएम नियाज अहमद खान ने मौके पर पकड़ा। इन सभी के खिलाफ प्रकरण बनाकर कार्रवाई के लिए कलेक्टर आकाश त्रिपाठी को भेजा गया है। इसी के साथ 17 छात्र भी नकल करते हुए पकड़े गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, 2 जुलाई को कन्या विद्यालय स्थित सेंटर में मप्र संस्कृत बोर्ड परीक्षा की पूर्व मध्यमा के साहित्यम् का द्वितीय पेपर था। सुबह 8.15 जब एसडीएम श्री खान को खबर मिली कि परीक्षा केन्द्र पर उत्पात हो रहा है तो वे तत्काल केन्द्र पर पहुंचे और पाया कि 17 कक्षों में डच्यूटी दे रहे 34 शिक्षकों के हाथों में नकल सामग्री है। उन्होंने नकल सामग्रियों को जब्त कर पंचनामा बनवाया और केन्द्र अधीक्षक के उसपर हस्ताक्षर करवाए।

सीएस व पर्यवेक्षक बदले
ग्वालियर. कन्या उमावि डबरा केंद्र पर संस्कृत परीक्षा के दौरान नकल के मामले में कलेक्टर आकाश त्रिपाठी से मिले निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी केके द्विवेदी ने केंद्राध्यक्ष व पर्यवेक्षकों को बदल दिया है। इसके अलावा निषाद राज स्कूल की मान्यता समाप्ति का प्रस्ताव भी संस्कृत बोर्ड को भेजा गया है।

श्री द्विवेदी के अनुसार, बुधवार को एसडीएम डबरा नियाज अहमद ने कलेक्टर को भेजी रिपोर्ट में केंद्र की खामियों का उल्लेख किया है। इसके बाद ही केंद्राध्यक्ष पीएस ऋषि को बदल दिया गया है।

इनके स्थान पर अब श्रीराम शर्मा व्याख्याता को परीक्षा केंद्र का अधीक्षक बनाया गया है। इसी तरह नकल में सहयोग करने वाले सभी पर्यवेक्षकों को भी परीक्षा के काम से मुक्त कर दिया गया है। इनके स्थान पर अब नए पर्यवेक्षक तैनात कर दिए गए हैं।

श्री द्विवेदी ने कहा कि बुधवार को केंद्र पर नकल कराने तथा स्टाफ को डराने धमकाने के लिए निजी स्कूल के संचालक किशोरीलाल बाथम को दोषी पाया गया है। इसी कारण उनके स्कूल की मान्यता समाप्ति का प्रस्ताव मप्र संस्कृत बोर्ड को भेजा जा रहा है। इसके अलावा बुधवार को परीक्षा के समय तैनात पर्यवेक्षकों की दो-दो वेतन वृद्धियां रोकने का नोटिस भी जारी कर दिया गया है।





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