जयपुर.
अमानीशाह नाले में अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए जा रहे जेडीए व जयपुर नगर निगम के संयुक्त अभियान के दौरान बुधवार को भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रही तथा 32 निर्माण ध्वस्त किए गए।
भारी पुलिस बंदोबस्त के साथ दस्ते ने न्यू आतिश मार्केट से शिप्रा पथ तक के करीब एक किलोमीटर नाले के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण हटाए। कार्रवाई के दौरान दस्ते को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। एक बार तो पुलिस व विरोध कर रहे लोग आमने-सामने हो गए।
सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे न्यू आतिश मार्केट के नजदीक स्थित नाले से लेकर शिप्रा पथ तक तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में की गई कार्रवाई में 20 खाली मकान, 10 शौचालय तथा एक निजी स्कूल द्वारा नाले के बहाव क्षेत्र में बनाई गई दीवार को तोड़ा गया। इसी स्थान पर दस मकानों के बाहर बनाई गई चारदीवारी तोड़ी गई। कार्रवाई के दौरान बिरानी फार्म हाउस में नाले की दिशा बदलने के लिए डाली गई रुकावट को भी हटाया गया। दस्ते ने लोगों द्वारा बनाई नाली को तोड़ कर बहाव क्षेत्र खुलवाया।
बड़ा निर्माण आया तो रुका दस्ता
शिप्रा पथ के नजदीक नाले में बने एक बड़े स्कूल को लेकर दस्ते के बुलडोजर धीमे पड़ गए। उस बड़े निर्माण की एक छोटी सी दीवार तोड़ी गई।
जेडीए के अधिकारियों ने जब स्कूल के नजदीक नाले की नपती की तो स्कूल भवन का 15 फुट निर्माण नाले के 70 मीटर के दायरे में आ गया। इसके बाद खानापूर्ति करते हुए स्कूल की एक छोटी दीवार को तोड़ कर दस्ता लौट गया। जेडीए अधिकारियों का कहना था कि स्कूल भवन की जमीन हाउसिंग बोर्ड द्वारा अलॉट की गई है। बोर्ड को इसके लिए पत्र लिखा जाएगा।
नाला बन गया था पांच फुट की नाली
शिप्रा पथ के नजदीक नाले को पांच फुट की नाली बना दिया गया था। यहां पर दस्ते ने खाली पड़े मकानों में तोड़फोड़ की कार्रवाई की तथा जिन मकानों में लोग रह रहे थे, उनको नहीं छेड़ा गया। एक निजी स्कूल के पीछे के हिस्से में नाले को पक्की पांच फुट की नाली में बदला हुआ था। एक जगह तो नाले पर छोटा पुल बना दिया गया था।
स्थानीय लोगों का विरोध जारी
शिप्रा पथ के नजदीक दस्ते को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। जब दस्ता यहां पहुंचा तो कुछ ही समय बाद सभी लोग घरों से पत्थर व लाठी लेकर बाहर आ गए और विरोध करते हुए नारेबाजी करने लगे। नाले में बने एक निजी स्कूल को लेकर लोगों ने कहा कि पहले इस निर्माण को हटाया जाए। इसके बाद अन्य निर्माण तोड़ने की कार्रवाई की जाए।
अतिक्रमण किया तो मुकदमा दर्ज होगा
जेडीए आयुक्त अशोक जैन ने बताया कि अमानीशाह नाले में एक बार अवैध निर्माण को तोड़ने के बाद किसी भी व्यक्ति ने दुबारा अतिक्रमण किया तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ जेडीए सख्ती से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता रहेगा।