जयपुर. इस बार श्रावण माह में दो ग्रहण आ रहे हैं। भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से श्रावण में इस तरह का योग कभी नहीं बना। विद्वानों की मानें तो अगले पचास साल तक इस तरह का योग नहीं है। इस दौरान 19 साल बाद कर्क राशि में सूर्यग्रहण लगेगा।
ज्योतिषाचार्र्यो का मानना है कि आने वाले पचास साल तक इस तरह की स्थिति नहीं बनेगी। इस बार रक्षाबंधन पर्व ग्रहण के सूतक के बीच मनाया जाएगा। 1 अगस्त को श्रावण कृष्ण अमावस्या के दिन खग्रास सूर्यग्रहण का साया रहेगा। ग्रहण पुष्य-अश्लेषा नक्षत्र तथा कर्क राशि में होगा, जो भारत में खंडग्रास के रूप में दिखाई देगा। ग्रहण 13:34 से शुरू होगा। इसका सूतक सूर्योदय पूर्व 4:07 पर शुरू होगा।
जयपुर में यह दोपहर बाद 4:07 से शाम 5:58 तक दिखाई देगा। इसके बाद 16-17 अगस्त की मध्य रात्रि धनिष्ठा नक्षत्र व मकर और कुंभ राशि में खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा। ग्रहण की शुरुआत 16 अगस्त की रात 1:06 बजे से होगी। इसका सूतक 16 अगस्त रक्षाबंधन पर्व पर दोपहर 4:06 बजे से शुरू हो जाएगा।
बढ़ेगी महंगाई व प्राकृतिक आपदाएं : पंडित पुरुषोत्तम गौड़ के अनुसार श्रावण में दो ग्रहण का पचास साल में न तो ऐसा योग देखा गया है और न ही आगामी पचास साल ऐसी कोई संभावना है। इस दौरान 19 साल बाद कर्क राशि में सूर्यग्रहण लगेगा। ग्रहण के दौरान मंगल का राहु के साथ समसप्तक योग आने से महंगाई व प्राकृतिक आपदाएं बढें़गी। इस ग्रहण का सूतक रहेगा। ऐसे में रक्षासूत्र तो बांधा जा सकता है लेकिन श्रावणी उपाक्रम नहीं किए जा सकते। रक्षासूत्र भद्रा समाप्ति के बाद शुभ मुहूर्त में बांधा जाना शास्त्र सम्मत है।
अद्भुद रहेगा योग : पंडित बंशीधर जयपुर पंचांग निर्माता ज्योतिषाचार्य पंडित दामोदर शर्मा के अनुसार श्रावण मास में एकसाथ दो ग्रहण की स्थिति विशेष रहेगी। एक माह में दो ग्रहण अशुभ माने गए हैं। इस दौरान पांच शनिवारों का योग भी है। इससे अशांति, भूकंप, बम विस्फोट, बाढ़, अतिवृष्टि, अनावृष्टि, तूफान व जनधन की हानि होगी। खाद्यान्न पदार्थो में तेजी, बुद्धिजीवी वर्ग का ह्रास व अपराधी प्रवृत्ति का वर्चस्व बढ़ेगा।
वर्षों से ऐसे योग के संकेत नहीं : राजस्थान विवि में ज्योतिष परिषद के डॉ. विनोद शास्त्री के अनुसार वर्र्षो बाद श्रावण मास में इस तरह का योग बन रहा है। एक अगस्त को सूर्यग्रहण पूरे देशभर में दिखाई देगा। 16 व 17 को चंद्रग्रहण खंडग्रास के रूप में दिखाई देगा। यह मकर व कुंभ राशि के लिए कष्टप्रद होगा। इससे सत्तापरिवर्तन, जनाक्रोश, सीमाप्रांतों पर तनाव, प्रकृति प्रकोप, जनहानि, दुर्भिक्ष, कहीं बाढ़ व कहीं सूखे की संभावना रहेगी।
सूर्यग्रहण में राशि प्रभाव
शुभ : वृषभ, कन्या, तुला, कुंभ।
अशुभ : मेष, कर्क, सिंह, धनु।
मिश्रित : मिथुन, वृश्चिक, मकर, मीन।
चंद्रग्रहण में राशि प्रभाव
शुभ : मेष, सिंह, वृश्चिक, मीन।
अशुभ : मिथुन, तुला, मकर, कुंभ।
मिश्रित : वृषभ, कर्क, कन्या, धनु।