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चिकित्सा विभाग में तबादलों पर बवाल

जयपुर. चिकित्सा विभाग में अराजपत्रित कर्मचारियों के तबादलों को लेकर बवाल हो गया है। चिकित्सा मंत्री नरपतसिंह राजवी ने शिकायतों के बाद झालावाड़, झुंझुनूं और चित्तौड़गढ़ की तबादला सूचियों पर एक बारगी रोक लगा दी गई है।

राजवी के इस कदम से नाराज चिकित्सा राज्य मंत्री भवानी जोशी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विरोध जताते हुए कहा कि तबादलों को लेकर एक भी शिकायत प्रमाणित हो जाएं तो वे राजनीतिक जीवन छोड़ सकते है। इन तीनों जिलों की तबादला सूचियों के रिव्यू के लिए चिकित्सा विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का भी गठन किया गया।

चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त निदेशक द्वारा इन तबादलों को स्थगित करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि 19 से 28 जून तक जो आदेश झुझुंनूं एवं चित्तौड़गढ़ जिले से संबंधित है उन्हें आगामी आदेशों तक स्थगित किया जाता है।

चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन तबादला आदेशों के तहत किसी भी कार्मिक को न तो कार्यमुक्त किया जाए और न ही कार्यग्रहण करवाया जाए।

झालावाड़ जिले से संबंधित आदेश में कहा गया गया है कि 19 से 28 जून तक (ए टू के) के तहत किसी कार्मिक का तबादला जिले से बाहर किया गया तो इसे स्थगित माना जाए। ऐसे कर्मचारियों को कार्यमुक्त नहीं करने के निर्देश जारी किए गए हैं। तबादला आदेशों को स्थगित किए जाने से प्रदेश के सैकड़ों कर्मचारियों के सामने संकट खड़ा हो गया है। कुछ कर्मचारी तो नया स्थान ज्वाइन भी कर चुके हैं जबकि ज्यादातर कर्मचारी ज्वाइन करने की तैयारी में थे।

जोशी मिले सीएम से- तबादला सूचियां रोकने से नाराज जोशी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज करवाया। उनका कहना था कि किसी को दिक्कत थी, उनसे बात करते। सीधे सूचियां रोकने अनुचित है। उन्होंने राजवी द्वारा पूर्व में किए गए 500 तबादलों की भी शिकायत की।

शिकायतें मिली थी : राजवी
तबादलों को स्थगित किए जाने पर जब ‘भास्कर’ ने राजवी का पक्ष जाना तो वे बोले कि कैबिनेट मंत्री होने के कारण तबादलों को लेकर मेरी जिम्मेदारी बनती है।

तबादला आदेश स्थगित करने की वजह?
चित्तौड़गढ़ जिले से कई शिकायतें आई थी। जहां तक झुंझुनूं, झालावाड़ का सवाल है, यहां रिक्त पदों की तुलना में बड़ी संख्या में नियुक्तियां दे दी गई हैं।

राज्यमंत्री ने तबादले किए हैं, उन्होंने ध्यान नहीं रखा?
ये मैं नहीं जानता। चिकित्सा विभाग में तबादलों सहित हर काम के लिए कैबिनेट मंत्री के नाते जिम्मेदारी उनकी है। ऐसे में वे हर कदम फूंक-फूंक कर रखेंगे।

क्या इन जिलों के तबादलों को निरस्त किया जाएगा?
यह नहीं कह सकता। फिलहाल प्रमुख शासन सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है।

..तो राजनीति छोड़ दूंगा : जोशी
चिकित्सा राज्य मंत्री भवानी जोशी ने कहा कि उन्होंने अपना काम पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से किया है। अगर एक भी शिकायत प्रमाणित होती है तो वे राजनीतिक जीवन ही छोड़ देंगे। जोशी ने कहा कि उन्होंने जितने भी तबादले किए है, सबके पीछे कारण है। किस विधायक, मंत्री या अन्य लोगों के कहने पर तबादला किया गया। इसका रिकॉर्ड है। उनके पास हर कर्मचारी के तबादले से जुड़ा रिकॉर्ड रेफरेंस सहित उपलब्ध है। मुख्यमंत्री से क्यों मिला और क्या बात हुई इस बारे में कुछ नहीं कहना।





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