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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
स्कूल और कालेज की परीक्षाओं में नकल पर अंकुश लगाने कैबिनेट ने नए कानून को मंजूरी दे दी। अब नकल को अपराध की श्रेणी में माना जाएगा। नए कानून में नकल करने वालों परीक्षार्थियों पर तगड़ा जुर्माना होगा और कराने वालों को जेल भेजा जा सकेगा। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट में इस विषय पर काफी देर मंथन हुआ।
राजस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि स्कूल और कालेज की परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए यह कानून बनाया गया है। इससे राज्य की शिक्षा के प्रति विश्वास पैदा होगा। उन्होंने बताया कि नकल में सहयोग करने, नकल प्रायोजित करने और घातक हथियार लेकर नकल के लिए माहौल बनाने वालों को सजा देने का प्रावधान किया गया है।
यह सजा एक वर्ष से लेकर पांच वर्ष तक हो सकती है। इसमें 10 हजार से 50 हजार रुपए तक जुर्माने का भी प्रावधान है। नकल करने वाले छात्रों पर 5000 रुपए तक जुर्माना किया जाएगा। इससे उम्मीद है कि बाहर से आकर नकल कराने वालों पर अंकुश लगेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून केवल स्कूल और विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं के लिए बनाया गया है। फिलहाल अन्य परीक्षाओं को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
बस्तर और सरगुजा में नया विवि : मुख्यमंत्री द्वारा विकास यात्रा के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप बस्तर और सरगुजा में एक-एक नया विश्वविद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है। बस्तर विवि का नाम मां दंतेश्वरी विश्वविद्यालय होगा। सरगुजा विवि के नाम पर विचार किया जा रहा है। श्री अग्रवाल ने बताया कि विधानसभा में विधेयक लाते समय सरगुजा विवि का नाम तय कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के आदिवासियों को अब उच्च शिक्षा के लिए अच्छा माहौल मिलेगा।
पुस्तकालय खोलने के लिए भी कानून : राज्य में अब तक पुस्तकालय खोलने के संबंध में कोई स्पष्ट कानून नहीं था। इस कारण रमन सरकार ने राज्य में सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम 2008 बनाने का निर्णय लिया है। विधानसभा के मानसून सत्र में इसके लिए विधेयक लाया जाएगा।
मंत्रियों के इनकार के बाद कानून के प्रावधान बदले : नकल पर सजा के प्रावधान को मंत्रियों के विरोध के बाद बदला गया। विभाग द्वारा दिए गए मूल प्रस्ताव में नकल कराने वालों के साथ-साथ नकल करने वाले छात्रों को भी सजा का प्रावधान किया गया था। कैबिनेट में ज्यादातर मंत्रियों ने इसका विरोध किया। उसके बाद प्रस्तावित कानून में छात्रों के लिए केवल जुर्माने का प्रावधान किया गया।
मेडिकल की पढ़ाई के लिए नया विवि : राज्य में होने वाली मेडिकल संबंधी पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ आयुष एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इसके अधीन एलोपैथी,आयुर्वेदिक,होम्योपैथी,यूनानी,फार्मेसी, दंत चिकित्सा जैसी पढ़ाई करने वाले कालेज आएंगे। विधानसभा में कानून पास होने के बाद यह विश्वविद्यालय प्रभावशील होगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार इस विवि को चालू शिक्षा सत्र में ही शुरू करने की दिशा में काम कर रही है।
दो नए निजी विवि को मान्यता : कैबिनेट ने दो और निजी विवि को मान्यता देने का फैसला किया है। ये विश्वविद्यालय हैं कलिंगा विश्वविद्यालय (आरंग) और आईसीएफएआई विवि (धमधा)। दोनों निजी विवि ने राज्य शासन की शर्र्तो को पूरा किया है। इस कारण उन्हें निजी विवि की मान्य सूची में जोड़ने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले अब तक राज्य में दो निजी विवि मैट्स यूनिवर्सिटी और सीवी रमन विश्वविद्यालय को ही मान्यता मिल पाई है।