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रिश्वत लेते गिरदावर गिरफ्तार

कुचामन सिटी/अजमेर. एसीबी की टीम ने बुधवार को कुचामन सिटी तहसील के गिरदावर को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया, जबकि सह अभियुक्त पटवारी चकमा देकर भाग निकला।

एसीबी एसपी रूपिन्दर सिंह के अनुसार सुरेश कुमार ने पांचवा हल्के के सरदारपुरा गांव मे साढ़े सात बीधा जमीन खरीदी थी, जिसका नामान्तरण करवाने के लिए उसने पटवारी घीसालाल मीणा के समक्ष संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए, लेकिन मीणा ने एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी। एक लाख की व्यवस्था नहीं होने पर सुरेश अपने साथी राजेन्द्र जाट के साथ घीसालाल से फिर मिला।

इस पर घीसालाल ने कुचामन तहसील कार्यालय में कार्यरत गिरदावर नन्दकिशोर धायल से सम्पर्क करने के लिए कहा,साथ ही यह भी कहा कि काम की कीमत एक लाख रुपए उसे ही अदा करनी है। नन्दकिशोर से सम्पर्क किया गया तो उसने भी एक लाख रुपए मांगे।

राजेन्द्र ने 21 जून को एसीबी एसपी कार्यालय में सारे घटनाक्रम की जानकारी दी। टीम ने शिकायत का सत्यापन करवाने के बाद बुधवार को परिवादी राजेन्द्र को एक लाख रुपए के कैमिकल्स लगे नोट देकर भेजा। परिवादी तहसील कार्यालय पहुंचा, लेकिन गिरदावर ने वहां रकम लेने से इंकार कर दिया। वह राजेन्द्र को बाइक पर बिठा कर बस स्टैंड स्थित वैरायटी स्टोर पर ले गया और वहां एक लाख रुपए दिए।

तत्काल एसीबी टीम ने दबिश देकर गिरदावर को गिरफ्तार कर लिया। एसीबी डीएसपी मंसूर अली खां ने बताया कि गिरदावर नंद किशोर को गिरफ्तार कर लिया है उसे गुरुवार को एसीबी न्यायालय मे पेश किया जाएगा। सह अभियुक्त घीसालाल मीणा की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

अजमेर टीम चर्चा में : नागौर जिला मुख्यालय पर भी एसीबी की चौकी स्थापित है और वहां भी पुलिस उपअधीक्षक स्तर के अधिकारी बैठते हैं लेकिन इसके बावजूद अजमेर टीम द्वारा इस कार्रवाई को अंजाम देना भी आम लोगों के लिए चर्चा का विषय बना रहा। परिवादी राजेन्द्र ने बताया कि उसने पहले नागौर एसीबी टीम को सूचित करने का प्रयास किया, लेकिन वहां आरोपी पक्ष का व्यक्ति पहले से मौजूद होने पर वह वहां से लौट आया और उसने इसकी सूचना अजमेर एसीबी कार्यालय में दी।

हालांकि कार्रवाई के बाद डीएसपी खां ने कहा कि परिवादी ने मात्र शंका के आधार पर ही अजमेर मे शिकायत की थी। गौरतलब है कि इससे पूर्व करीब ढाई माह पहले मौलासर थानाधिकारी के ट्रेप की कार्रवाई भी नागौर एसीबी दल के बजाय भीलवाड़ा की टीम ने की थी।

राशि का होना था बंटवारा : एसीबी पुलिस उपअधीक्षक अजमेर मंसूर अली खां ने बताया कि आरोपी नन्दकिशोर और पटवारी घीसालाल मीणा के बीच रिश्वत की राशि का बंटवारा होना था। गिरफ्तारी के बाद गिरदावर नन्दकिशोर धायल ने बताया कि इस राशि में से 90 हजार पटवारी घीसालाल मीणा को देने थे और शेष दस हजार उसे मिलने वाले थे।

अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई : अजमेर एसीबी टीम द्वारा की गई कार्रवाई को संभवतया अब तक की सबसे बडी ट्रेप कार्रवाई माना जा रहा है। उपअधीक्षक खां ने बताया कि अब तक किसी को भी एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार नही किया जा सका है।





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