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उपभोक्ताओं का हंगामा

जोधपुर. gas महावीर गैस एजेंसी निरस्त करने के बाद बुधवार से शुरू की गई वैकल्पिक व्यवस्था में सिलेंडर नहीं मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने एजेंसी कार्यालय के बाहर हगांमा किया।

हगांमे की सूचना मिलने पर प्रतापनगर थानाधिकारी दिनेश सिंह रोहड़िया पुलिस जाब्ता के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाइश कर शांत किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस अधिकारियों को परेशानी बताते हुए आईओसी के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। बाद में आईओसी के सेल्स ऑफिसर सीताराम मौके पर आए और लोगों को समझाने के साथ सिलेंडर से भरी गाड़ी मौके पर मंगवाई।

पुलिस की मौजूदगी में एजेंसी के निकट ही बुकिंग के आधार पर उपभोक्ताओं को सिलेंडर देने का क्रम शुरू कर दिया गया। कांग्रेस नेता अनिल जोशी ने आईओसी के अधिकारियों से ठीक से वैकल्पिक व्यवस्था होने तक इसी इलाके में सिलेंडर वितरण की व्यवस्था करने की मांग की। इस दौरान शहर जिला कांग्रेस कमेटी ब्लॉक आई के महासचिव जगदीश दाधीच ने आईओसी के डायरेक्टर जीसी डागा से बातचीत की। डागा ने व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिलाया। प्रदर्शन में मुख्य रूप से मूशे खां मेहर, मोहम्मद यूसुफ बेलीम सहित अनेक लोग शामिल हुए।

सिलेंडर घर तक पहुंचाने की सुविधा शीघ्र : आईओसी के सेल्स ऑफिसर सीताराम ने बताया कि महावीर गैस एजेंसी के उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध करवाने के लिए निकट की चार एजेंसियों को व्यवस्था दी गई है। इसके बावजूद कंपनी उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखकर बुकिंग के बाद नियमानुसार सिलेंडर घर तक पहुंचाने की शीघ्र व्यवस्था कर रही है।

महीनों से चल रहा था गैस का गोरखधंधा : महावीर गैस सर्विस में फर्जी ग्राहकों के नाम से पिछले कई महीनों से गैस सिलेंडर जारी होने का गोरखधंधा चल रहा था। आईओसी टीम की रेंडम चैकिंग के दौरान ऐसे 60 गैस कनेक्शन फर्जी मिले। बाद में कंपनी ने एजेंसी ही निरस्त कर दी थी।

आईओसी की जांच में सामने आया कि गैस एजेंसी के बैक लॉग कई दिनों से ज्यादा बताया जाता रहा, जबकि रिकार्ड देखने पर पता चला कि बैक लॉग की जो स्थिति बताकर कंपनी से सिलेंडर उठाए जाते रहे, वे दरअसल बोगस कनेक्शनों में काम लिए जाते थे। इसी तरह आउट ऑफ टर्न सिलेंडर 11 प्रतिशत तक देने की बात सामने आई लेकिन एजेंसी के मौजूद रिकार्ड में रजिस्टर एवं कंप्यूटर एंट्री से इसका मिलान नहीं हुआ। इसी तरह डीबीसी धारक कई उपभोक्ताओं के नाम से एक साथ दो सिलेंडर देना दर्शा दिया गया, लेकिन हकीकत में उपभोक्ताओं को एक ही सिलेंडर मिला।

क्यों बिगड़ी व्यवस्था : शहर की गैस एजेंसियों पर नियमित निगरानी रखने व उपभोक्ताओं को हर रोज होने वाली परेशानी से निजात दिलाना रसद विभाग की जिम्मेदारी है। लेकिन रसद विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का ही नतीजा है कि महावीर गैस एजेंसी पर लंबे से रही उपभोक्ताओं की शिकायतों के बावजूद विभाग ने कोई ठोस उपाय नही किए।

रसद विभाग के संबंधित निरीक्षकों व स्वयं जिला रसद अधिकारी एजेंसियों पर आकस्मिक चैकिंग नही करते। विभाग ने एक परंपरा बना रखी है, महीने में एक बार एजेंसी संचालकों की बैठक बुलाने की। इस बैठक में एजेंसी की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले आंकड़े एवं दस्तावेज को विभाग में जमा किया जाता है जबकि रेंडम चैकिंग कभी नहीं की जाती। कई बार उपभोक्ता रसद विभाग में उपस्थित होकर कई तरह की शिकायतें भी करते हैं, लेकिन विभाग इसको गंभीरता से नहीं लेता। गैस एजेंसी पर कई तरह की अनियमितताएं थीं, इसलिए निरस्त करने की कार्रवाई की गई।
—सीताराम वर्मा, सेल्स आफिसर, आईओसी।





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