उदयपुर. महाराणा प्रताप हवाई अड्डे के विकास के दौरान हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर नदी-नाले के प्राकृतिक स्वरूप को बदलने के मामले में वल्लभनगर के एसडीओ नरेंद्रसिंह चौहान ने तहसीलदार को तथ्यात्मक रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं।
‘भास्कर’ के 2 जुलाई के अंक में ‘नाले पर भवन, नदी पर दीवार’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार को लेकर एसडीओ ने तहसीलदार चंद्रभानसिंह भाटी को राजस्व रिकार्ड के अनुसार तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार को इस संबंध में मौका मुआयना कर नदी और नाले की चौड़ाई तथा प्रवाह को रोकने वाली बाधाओं की रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। पिछले सालों में अतिवृष्टि के कारण क्षेत्र में बने बाढ़ जैसे हालात को भी लिखित में अवगत कराने को कहा गया है।
गौरतलब है कि महाराणा प्रताप हवाई अड्डे के विकास के दौरान आंबावेरी नाले को 90 डिग्री पर मोड़ दिया गया और बेड़च नदी पर दीवार बनाकर प्राकृतिक स्वरूप को बदलने की कोशिश की गई है।
राजस्व मंडल में नहीं गया रेफरेंस : अब्दुल रहमान बनाम हाईकोर्ट के नजीरी आदेशों के बाद जिले में नदी-नालों व जलाशयों पर हुए निर्माण या उनका स्वरूप बदलने के मामलों का रेफरेंस (नदी नालों पर निर्माण को अवैध घोषित करना) राजस्व मंडल को भेजे गए थे। इसमें वल्लभनगर से 29 मामलों के रेफरेंस भेजे गए थे, लेकिन एयरपोर्ट पर नदी-नालों के स्वरूप में बदलाव का रेफरेंस नहीं भेजा गया। अधिकृत सूत्रों के अनुसार पटवारी के स्तर पर ही इस मामले को ध्यान में नहीं लाया गया था।