भोपाल अमरनाथ श्राइन बोर्ड को दी जमीन जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा वापस लेने के विरोध में विश्व हिंदू परिषद व भाजपा के भारत बंद का गुरुवार को देश के कई हिस्सों में व्यापक असर पड़ा।
मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, और असम के अनेक हिस्सों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। मध्यप्रदेश के इंदौर में दो गुटों के बीच हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई। वहां चार थाना क्षेत्रों में कफ्यरू लगाया गया है।
बंद का प्रदेश में व्यापक असर देखने को मिला। कई स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन हुए। सबसे ज्यादा उत्पात इंदौर में हुआ जहां चार लोगों के मारे जाने की खबर है। एहतियातन इंदौर के चार थाना क्षेत्रों छत्रीपुरा, खजराना, मल्हारगंज और पंडरीनाथ में दोपहर डेढ़ बजे से कफ्यरू लगा दिया गया। बताया जाता है कि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं इनमे दो सिपाही भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने सुबह इंदौर के 56 दुकान इलाके में रिलायंस आउटलेट पर तोड़फोड़ भी की।
भोपाल में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। नए व पुराने भोपाल में दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। कई जगहों पर स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को जमकर लाठीचार्ज करना पड़ा। शहर में तोड़फोड़ का सिलसिला दोपहर तीन बजे तक चलता रहा। इस दौरान प्राइवेट स्कूल और पेट्रोल पंप भी बंद रहे जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। देवास में कार्यकर्ताओं ने रेल रोक कर प्रदर्शन किया। यहां मक्सी- इंदौर ट्रेन को करीब बीस मिनट तक रोका गया। रेलवे स्टेशन के पास एक दूध डेरी और तीन आटो रिक्शा क्षतिग्रस्त कर दिए गए।
मंदसौर के श्यामगढ़ में देहरादून एक्सप्रेस दस मिनट तक रोकी गई। प्रदर्शनकारियों ने नीमच में कैंट के पास बस के कांच फोड़ दिए। झाबुआ में राजवाड़ा चौक इलाके में काफी हंगामा मचा और तोड़फोड़ की गई। दोपहर सवा दो बजे के बाद यहां धारा 144 लगा दी गई।
सागर रेलवे स्टेशन पर कार्यकर्ताओं ने जमकर तोड़फोड़ की। उज्जैन के विकास चौराहे पर दो गुटों में झड़प हो गई। टीकमगढ़ में प्रदर्शनकारी और व्यापारियों के बीच हुई झड़प में दो व्यापारी घायल हो गए। सतना के रामपुर बघेलान इलाके में प्रदर्शनकारियों से परेशान होकर एक व्यापारी ने खुद को आग लगा ली। उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां शाम को उसकी मौत हो गई। जबलपुर में सिविक सेंटर में तोड़-फोड़ की गई। बालघाट में प्रदर्शनकारियों ने बस स्टैंड के आसपास की दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की ।
पुलिस को आया पसीना
स्थिति को नियंत्रित रखने में पुलिस को पसीने छूट गए। आरएएफ, एसटीएफ, एसएएफ और पुलिस के करीब 75 हजार जवान उपद्रवियों से निपटने के लिए तैनात किए गए। सबसे ज्यादा मशक्कत पुलिस को इंदौर में करना पड़ी। यहां पुलिस के पास अश्रु गैस के गोले खत्म हो गए तो गोलों की अतिरिक्त सप्लाई की गई। यहां उज्जैन में तैनात आरएएफ बल को भी लगाया गया है। इंदौर में आठ सौ जवान अधिक लगाए गए हैं। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश भर में उपद्रवियों की पहचान कर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
ट्रेनें रोकीं, सड़कें जाम : बंद समर्थकों ने विभिन्न राज्यों के कुछ स्थानों पर ट्रेनें रोकीं। साथ ही सड़कें जाम करने के अलावा दुकानों को बंद कराया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-भोपाल शताब्दी को आगरा केंटोनमेंट रेलवे स्टेशन पर करीब डेढ़ घंटे तक रोके रखा। पंजाब के होशियारपुर और गुरदासपुर में भी ट्रेनें रोकी र्गई।
छिंदवाड़ा
बंद पूरी तरह सफल रहा। इस दौरान शांति रही और कहीं बहस तक की नौबत नहीं आई। विहिप और भाजपा ने 2 बजे बाजार खोलने का एलान कर दिया, जिसके बाद बाजार खुल गया।
बैतूल
नगर के मुख्य बाजार पूरी तरह बंद रहे और आवासीय क्षेत्रों सहित बाजार क्षेत्र में खुली इक्का, दुक्का दुकानें विहिप कार्यकर्ताओं ने घूम, घूम कर बंद कराई। विहिप कार्यकर्ता सुबह से ही बाजार बंद कराने में जुट गए थे।
कार्यकर्ताओं के दल कोठी बाजार, गंज, सदर आदि क्षेत्रों में घूम रहे थे और दुकानें बंद करा रहे थे। बैतूलबाजार स्थित बाजार भी कार्यकर्ताओं ने बंद करवा दिया था। बंद में कहीं भी कोई बड़ी घटना नहीं हुई है, लेकिन कोठीबाजार में स्थित ज्योति टाकीज के आसपास क्षेत्र के कुछ लोग का कहना है कि तथा कथित लोगों ने टाकिज के पोस्टर पर पथराव किया था।
पुलिस ने ऐसी किसी भी घटना के होने से इंकार किया है। विहिप के चंदूमल थारवानी, श्याम टेकपुर, प्रवीण गुगनानी आदि तथा भाजपा के विधायक शिवप्रसाद राठौर, जिला अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा, नपा उपाध्यक्ष आनंद प्रजापति आदि कार्यकर्ताओं ने शाम को चार सूत्रीय मांग का राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील के नाम ज्ञापन कलेक्टर अरुण भट्ट को दिया और अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
विदिशा
जिले में व्यापक असर देखा गया। इस दौरान विदिशा पूरी तरह से बंद रहा। बाजार के अलावा अति आवश्यक सुविधाओं पेट्रोल पंप और मेडिकल की दुकानें भी बंद रहीं। शैक्षणिक संस्थाओं में अवकाश घोषित कर दिया गया था।
होशंगाबाद-हरदा
होशंगाबाद व हरदा जिले में भारत बंद का व्यापक असर रहा। बाजार पूरी तरह बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने होशंगाबाद में ट्रेनें व हाइवे रोक दिया। बंद से समूचा जनजीवन प्रभावित हुआ। इटारसी, होशंगाबाद, पिपरिया और हरदा में हालांकि तनाव की स्थिति रही। लेकिन पुलिस के पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के चलते किसी भी प्रकार की कोई घटना की सूचना नहीं है।
गुना
भाजपा और बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला, मधुसूदनगढ़ में कार्यकर्ताओं ने दो घंटे तक चक्काजाम किया। कार्यकर्ताओं ने डंडों के जोर पर दुकानें बंद कराईं और कुछ जगहों पर तोड़फोड़ भी की। कुछ लोगों ने दुकानें बंद नहीं की तो तोड़फोड़ की। हनुमान चौराहा, कोतवाली के पास, सदर बाजार, हाट रोड क्षेत्र में तनाव रहा। ।