काहिरा.भारत ने कहा है कि ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की एकतरफा सैन्य कार्रवाई पूरी तरह ‘अस्वीकार्य और अवांछित’ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ऐसी किसी भी कार्रवाई को मान्यता नहीं देना चाहिए।
भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने यह बात मिस्र के विदेश मंत्री अहमद अब्दुल घेइत से बुधवार रात यहां मुलाकात के दौरान कही। तीन दिवसीय यात्रा पर आए मुखर्जी ने कहा, ‘जहां तक ईरान की बात है, मैं मिस्र के विदेश मंत्री की इस बात से सहमत हूं कि सैन्य कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। हम किसी भी तरह के बल प्रयोग के खिलाफ हैं।’
अस्वीकार है
मुखर्जी ने घेइत के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, ‘मुद्दे (ईरान के साथ) बातचीत से ही हल होने हैं और संयुक्त राष्ट्र के सदस्य व किसी संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पूरी तरह अस्वीकार्य और अवांछित है। किसी भी देश को इसकी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।’
सैन्य कार्रवाई नामंजूर
मुखर्जी ने कहा भारत फलस्तीनी इलाकों में इजरायल की ‘उग्र कार्रवाई’ को भी नामंजूर करता है। उन्होंने कहा सशस्त्र कार्रवाई फलस्तीन की ओर से हो या इजरायल की ओर से भारत उसका समर्थन नहीं करता।
भारत शांति का समर्थक
मुखर्जी ने कहा भारत दूसरे देशों के शांति के प्रयासों का समर्थन करता है। मुखर्जी ने कहा, ‘सैन्य कार्रवाई की पहल किसी भी देश की ओर से नहीं होनी चाहिए। यह बात इजरायल पर लागू होती है, क्योंकि आम तौर पर वह उग्र कार्रवाई की पहल करता है।
मिस्र की सराहना
मुखर्जी-घेइत ने 90 मिनट की वार्ता में द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मसलों पर चर्चा की। मुखर्जी ने राष्ट्रपति होसनी मुबारक से मिलने के लिए शर्म-अल-शेख शहर जाने से पहले भी घेइत से मुलाकात की।