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International International सूरत
युवाओं और खासतौर पर विद्यार्थियों में मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग की वजह से कई तरह की बीमारियां और बुढ़ापे के लक्षण देखे जा रहे हैं। वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के बायो-साइंस विभाग के छात्रों ने स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले तकरीबन एक हजार युवाओं पर सर्वे के बाद यह तथ्य उजागर किए हैं।
आंकड़े बताते हैंसर्वेक्षण के मार्गदर्शक डॉक्टर पंकज गढिया ने बताया कि 30-40 फीसदी विद्यार्थियों में सिरदर्द, कमजोर याददाश्त और त्वचा में जलन की शिकायत पाई गई है। वहीं, दो घंटे या इससे अधिक देर तक प्रतिदिन मोबाइल इस्तेमाल करने वालों के कान में दर्द और आसपास के हिस्से में जलन की तकलीफ पाई गई। इसके अलावा 30 फीसदी विद्यार्थियों में ब्लड प्रेशर और मतली के लक्षण पाए गए हैं।
क्या कहता है सर्वे
सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि मोबाइल के अधिक इस्तेमाल से सिरदर्द, याददाश्त में कमी, अनिद्रा, अनियमित रक्तचाप और त्वचा में जलन जैसी घातक बीमारियां उपयोगकर्ताओं को जाने अनजाने मिल रही हैं। इसका सबसे बुरा असर विद्यार्थियों में आमतौर पर याददाश्त की कमी और अनिद्रा के रूप में देखा गया है। कई मामलों में तो तनाव और अवसाद के लक्षण भी पाए गए हैं। आमतौर पर ये बीमारियां वृद्ध लोगों में पाई जाती हैं। इस सर्वेक्षण में सूरत और नवसारी के 25 स्कूल और नौ कॉलेजों के एक हजार विद्यार्थियों को शामिल किया गया।