इंदौर
जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रियों की सुविधा के लिए दी गई जमीन वापस लेने के विरोध में विहिप के भारत बंद के दौरान गुरुवार को शहर में आधा दर्जन से ज्यादा स्थानों पर हिंसा भड़क उठी। दोनों पक्षों में आमने-सामने पथराव हुआ व गोलियां चलीं। इससे चार लोगों की मौत हो गई तथा 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए। एक पुलिसकर्मी सहित पांच की हालत गंभीर है। उपद्रव के दौरान पुलिस असहाय नजर आई। चार थाना क्षेत्रों में कफ्यरू की घोषणा के डेढ़ घंटे बाद तक प्रशासन स्थिति पर नियंत्रण नहीं कर पाया।
डेढ़ हजार से ज्यादा लोगों ने आधा घंटे तक खजराना थाना घेरकर जमकर पथराव किया। पुलिस ने 40 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। शाम को लोनिवि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी इंदौर पहुंचे व स्थिति का जायजा लिया। दुकानें बंद कराने के लिए विहिप सहित कई संगठनों के कार्यकर्ता सुबह छह बजे से ही सड़कों पर आ गए थे। नारेबाजी करते कार्यकर्ताओं की टोलियां गली-गली में नजर आने लगीं। हिंसा व तोड़फोड़ की शुरुआत आठ बजे के लगभग जंजीरवाला चौराहा से हुई। कार्यकर्ताओं ने रिलायंस के आउटलेट में तोड़फोड़ की। अपोलो स्क्वेयर की दुकानों पर भी पत्थर बरसाए गए। इस कदर पत्थरबाजी हुई कि निगम कर्मियों ने सड़कों से तीन ट्रक पत्थर उठाए।
इसी दौरान मरीमाता चौराहा पर एक सिटी बस में तोड़फोड़ हुई। 10.30 बजे के लगभग कार्यकर्ताओं की एक टोली बडवाली चौकी पुराने एसपी ऑफिस के पास से गुजर रही थी। दुकान बंद कराने की बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। देर तक टकराव की स्थिति बनी रही। मल्हारगंज सीएसपी सालुंके मौके पर पहुंचे और किसी तरह स्थिति नियंत्रित कर भीड़ को हटाया। इसी दौरान राजबाड़ा पर गणोश केप मार्ट के पास रहने वाले एफ.ए. टोपीवाला ने घर की शटर ऊपर करने की कोशिश की तो कार्यकर्ताओं ने उन पर लात-घूंसे बरसाए। कुछ ही देर बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने एमजी रोड थाने का घेराव कर दिया।
वे पिछली सरकार द्वारा थाने के पीछे स्थित जमीन वक्फ बोर्ड को सौंपने का विरोध कर रहे थे। आधे घंटे तक कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे। एडीएम रमेश भंडारी ने दोनों पक्ष के दस्तावेज देखने के बाद दो-तीन दिन में निराकरण का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर कार्यकर्ता शांत हुए। इसी बीच थाने से बमुश्किल तीन सौ मीटर दूर रानीपुरा क्षेत्र में दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। तीन तरफ से पथराव शुरू हो गया। झंडा चौक, पत्ती बाजार सहित आसपास की गलियां पत्थरों से पट गई। एडिशनल एसपी मनोज सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गली-गली में घूमकर लोगों को घरों के अंदर किया। क्षेत्र में खुली इक्का-दुक्का दुकानें भी बंद कराई।
उधर, 11.15 बजे कार्यकर्ताओं का जुलूस जवाहर मार्ग से गुजर रहा था। इसी बीच मोची गली से कुछ युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते नरसिंह बाजार चौराहा, उदापुरा, मुकेरीपुरा, बंबई बाजार, कागदीपुरा, लोधीपुरा सहित आसपास के क्षेत्र में हिंसा भड़क उठी। दोनों पक्षों में आमने-सामने पथराव शुरू हो गया। घर की छतों से बच्चे पत्थर और फर्शी के टुकड़े बरसाने लगे। उस समय नरसिंह बाजार चौराहा पर सब इंस्पेक्टर कमलेशकुमार सिंगार सहित मुट्ठीभर पुलिसकर्मी ही मौजूद थे। वे पूरी तरह असहाय नजर आए। उनके सामने ही लोग घरों, दुकानों व बाहर खड़े वाहनों पर पथराव कर रहे थे। इस बीच एक रिक्शा में आग लगा दी गई। फायर ब्रिगेड पहुंचता तब तक गली नंबर छह व लोधीपुरा से लगी एक अन्य गली में भी आग लगा दी गई। रह-रहकर पथराव होता रहा, जिसमें आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिसमें खेमराज माखिजा की मौत हो गई।
पुलिस ने दो दर्जन से ज्यादा आंसू गैस के गोले छोड़े लेकिन भीड़ नहीं मानी। इस बीच 12 बजे के लगभग खजराना में भी उपद्रव शुरू हो गया। जमकर पथराव हुआ व गोलियां भी चली। जवाब में पुलिस ने भी गोलियां दागी। इससे मेहमूद पिता मेहबूब, अनवर व इमरान पिता अब्दुल रफीक निवासी हीना पैलेस कॉलोनी की मौत हो गई तथा एक पुलिसकर्मी सहित आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। स्थिति बिगड़ती देख 12.50 बजे प्रशासन ने पंढरीनाथ व छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में कफ्यरू घोषित कर दिया। कुछ देर बाद खजराना में भी कफ्यरू लगा दिया गया। बावजूद इसके पुलिस बल की कमी के चलते उपद्रवी पूरी तरह हावी नजर आए। ढाई बजे तक खजराना, मुकेरीपुरा, उदापुरा, कागदीपुरा व आसपास के क्षेत्र में रह-रहकर पथराव होता रहा। बाद में मल्हारगंज थाना क्षेत्र में भी कफ्र्यू लगा दिया गया। आईजी अनिल कुमार, एसपी आर.के. चौधरी और कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे। आईजी ने दोपहर तक दो की मौत तथा 15 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है।