न्यूयॉर्क.न्यूजर्सी में होने वाले द्वितीय विश्व गुजराती सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए निमंत्रण के मुद्दे पर अमेरिका स्थित विभिन्न अमेरिकी-भारतीय संगठन विभाजित हो गए हैं।
कुछ संगठन मोदी को वीजा जारी करने के लिए अमेरिकी सरकार पर परदे के पीछे से दबाव बना रहे हैं, जबकि गुजरात में कथित जनसंहार के खिलाफ बने 25 संस्थाओं के मिलेजुले संगठन ने मुख्यमंत्री को वीजा न देने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस को एक पत्र लिखा है। निमंत्रण पत्र, सम्मेलन के आयोजक एसोसिएशन ऑफ इंडियन अमेरिकन इन नार्थ अमेरिका ने भेजा है।
संगठन के अध्यक्ष सुनील ने कहा है कि वीजा जारी करने का मुद्दा अमेरिकी अधिकारियों और मोदी के बीच का मामला है। उन्होंने 29 अगस्त से शुरू होने वाले सम्मेलन में मोदी के हिस्सा लेने की आशा जताई है। इस सम्मेलन में पूरे विश्व से 50 हजार गुजरातियों के आने का अनुमान है।
न दें वीजा
जनसंहार के खिलाफ बने गठबंधन ने अमेरिकी विदेश मंत्री राइस को लिखे अपने पत्र में उनसे आग्रह किया है कि किसी भी सूरत में मोदी को अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिले।
नहीं जताया पछतावा : पत्र में लिखा है, ‘मोदी ने 2002 में हुई हिंसा पर कोई पछतावा नहीं जताया है, बल्कि वे इसे कई बार उचित ठहरा चुके हैं। इन कठिन हालातों में पीड़ितों के लिए आवाज उठाने की कोशिश करने वाले कई सामाजिक संगठनों को भी सरकार लगातार प्रताड़ित रही है।’