जयपुर.
विश्व हिन्दू परिषद के आह्वान पर गुरुवार को देशव्यापी हड़ताल का गुलाबी नगरी में व्यापक असर रहा। बंद समर्थकों ने चारदीवारी व बाहरी क्षेत्रों के कई इलाकों में बसें नहीं चलने दीं। कुछ जगह दुकानें आदि बंद करने को लेकर विहिप व भाजपा कार्यकर्ताओं की दुकानदारों से मामूली कहासुनी हुई, लेकिन बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई। शाम को कई बाजार व शॉपिंग मॉल खुल गए।
अजमेर की तरफ से वाहन आते रहे : अजमेर की ओर से आने वाले वाहनों की संख्या ज्यादा थी जबकि शहर से अजमेर रोड पर जाने वालों की संख्या कम थी। लोग निजी वाहनों से अपने स्थानों पर पहुंच रहे थे। ऑफिस में पहुंचने के लिए बसें नहीं मिलने से लोग रिक्शा व ऑटो रिक्शा ढ़ूंढ़ते रहे।
हसनपुरा में मामूली झड़प : हसनपुरा में सुबह करीब साढ़े 11 बजे तक चार नंबर डिस्पेंसरी से हसनपुरा सर्किल तक बंद का असर नहीं था। दुकानें व अन्य कार्य अन्य दिनों की तरह हो रहे थे। उसी दौरान वहां शिव सेना के कुछ कार्यकर्ता पहुंचे और दुकानें बंद कराने लगे, तो वहां के एक समुदाय विशेष के कुछ युवक इसका विरोध करने लगे। इसके कुछ समय बाद ही वहां 50 और बंद समर्थक युवक पहुंचे। वहां के लोगों से बात की, तो उसके कुछ समय बाद दुकानें बंद हो गईं।
महिलाएं भी पीछे नहीं : अजमेर रोड पर भाजपा जिला महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष सुषमा राठौड़ के नेतृत्व में पचास से ज्यादा महिलाओं ने वैशाली, न्यू सांगानेर रोड पांच्यावाला तथा खातीपुरा क्षेत्र में कई जगहों पर दुकानों को बंद कराया तथा लोगों से बंद का समर्थन करने की अपील की।
मुहाना मार्केट सहित कई मंडियां बंद कराईं :
बंद का असर शहर की कई मंडियों पर भी पड़ा। भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने न केवल मुहाना टर्मिनल मार्केट को बंद कराया बल्कि शहर की अनाज मंडी सहित दूध मंडी व फल-सब्जी मंडियों को भी बंद कराया।
झोटवाड़ा में व्यापक असर
इलाके में सुबह से ही सभी प्रमुख बाजार इस दौरान बंद रहे। मोटरसाइकिलों व चौपहिया वाहनों में सवार विहिप, बजरंग दल और भाजपा के कार्यकर्ताओं की टोलियां हाथों में लाठियां लिए बाबा अमरनाथ के जयकारे लगाते हुए सड़कों पर निकल आई थीं। एक वाहन में माइक से सभी व्यापारियों और आम नागरिकों से बंद में सहयोग की अपील की जा रही थी। कालवाड़ रोड, निवारू रोड, खातीपुरा रोड, रावण गेट, पंखा, कांटा, खिरनी फाटक सहित कई स्थानों पर इन कार्यकर्ताओं ने दुकानों को बंद कराया।
निवारू रोड पर झड़प : विहिप कार्यकर्ताओं ने हाथों में लाठियां लेकर उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने एक दुकान पर कोल्ड ड्रिंक्स की खाली बोतलों को तोड़ दिया और एक चाय की थड़ी पर भट्टी में पानी डाल दिया।
यात्री बसों को खाली कराया : कालवाड़ रोड पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने यात्रियों को ले जा रही एक दर्जन से अधिक सिटी और मिनी बसों को बीच रास्ते ही खाली कराया। उन्होंने यात्रियों को उतारकर ड्राइवर से खाली बस ले जाने को कहा। इससे कई बार यात्रियों और भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प भी हुई।
कुचामन सिटी से आई एक बस को खाली कराने को लेकर भी यात्रियों से काफी विवाद हुआ। चौमूं पुलिया से हरमाड़ा तक भाजपा कार्यकर्ताओं ने दुकानों को बंद कराया। पार्षद शंकरलाल सैनी, मंडल प्रचार मंत्री प्रदीप अग्रवाल के नेतृत्व में ढेहर का बालाजी, विद्याधर नगर, मुरलीपुरा स्कीम सहित वीकेआई एरिया में प्रतिष्ठानों को बंद कराया गया।
जनता स्टोर बाजार खुला रहा : बापूनगर एरिया का जनता स्टोर बाजार खुला रहा। इस बाजार में भाजपा शहर ओबीसी महामंत्री बसंत चौधरी की तीन दुकानें, पूर्व शहर महामंत्री लक्ष्मण जैन उर्फ गौरु व उनके परिजनों व पूर्व पार्षद इंदर सिंघी की दुकानें भी खुली रहीं।
अजमेर रोड व आसपास के इलाकों में पूरी तरह बंद :
विश्व हिंदू परिषद तथा शिव सेना के कार्यकर्ताओं की टोलियां दिनभर इधर-उधर घूमती रही। सोढाला से आगे अजमेर रोड पर सुबह दस बजे के करीब कई दुकानें खुली हुई थी। वहां पहले से पुलिस तैनात थी। साढ़े दस बजे करीब शिव सेना के बीस कार्यकर्ताओं की टोली वहां पहुंचकर बम भोले के नारे लगाने लगी, तो दुकान वालों ने शटर गिराने शुरू कर दिए।
मानवीयता दिखाई : पुरानी चुंगी सोढ़ाला पर विद्युत नगर निवासी रामप्रकाश पत्नी के साथ बस का इंतजार कर रहा था। वह बीमार पत्नी को एसएमएस में दिखाने जा रहा था। करीब एक घंटे इंतजार करने के बाद जब कोई वाहन नहीं मिला तो उसने वहां से बंद के समर्थन में गुजर रहे कुछ युवकों को बताया। इसके बाद उस टोली का नेतृत्व कर रहे एक युवक के कहने पर दो युवकों ने मोटरसाइकिल से उन्हें एसएमएस अस्पताल पहुंचाया।
बस यात्री परेशान : सिंधी कैंप बस स्टैंड से लगभग दो घंटे तक बसों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 11 से 12 बजे तक सिंधी कैंप से एक भी बस रवाना नहीं हो सकी। इससे विभिन्न स्थानों पर जाने वाली लगभग 50 बसें अटक गईं और लगभग चार हजार से ज्यादा फंस गए।
एक हजार मिनीबसें बंद रहीं : शहर में विभिन्न मार्गो पर चलने वाली लगभग एक हजार मिनीबसें बंद रहीं। यात्रियों की कम संख्या और तोड़फोड़ की आशंका के मद्देनजर कई मिनी बस मालिकों ने बसों को न चलाना ही बेहतर समझा। राजस्थान सिटी मिनी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष बलजीत यादव ने बताया कि दोपहर में लगभग 2 घंटे तक बसों का संचालन बंद रहा। बाहरी इलाकों में यात्रियों को उतारने और बसों को रोकने की कुछ घटनाओं को छोड़कर मिनी बसों का संचालन सामान्य रहा।
बाहर से आए लोग हुए परेशान : शहर में आसपास के गांवों से बंद की सूचना नहीं होने से खरीदारी करने आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दुकानें बंद रहने से ये लोग दूसरे बाजार खुले होने की आस में एक स्थान से दूसरे स्थान तक भटकते रहे।
कॉलेज बंद कराए, विश्वविद्यालय खुला रहा : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सहमंत्री अमित कुमार शर्मा, भंवर जितेन्द्रसिंह, केशव शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय से जुड़े कॉमर्स, राजस्थान, महारानी व सुबोध कॉलेजों को बंद कराया। बाद में ये कार्यकर्ता राजस्थान विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन बंद कराने पंहुचे। वहां गार्डे ने अंदर से गेट पर ताला लगा लिया। कार्यकर्ता काफी देर तक भवन के बाहर नारेबाजी करते रहे।
ढोल ताशों का प्रयोग : बंद समर्थकों ने जौहरी बाजार व रामगंज क्षेत्र में घूम-घूम कर दुकानों को बंद कराया। इसके अलावा दोपहर में ढोल व ताशे बजाकर गलियों की दुकानों पर पहुंचे और दुकानदारों को समझाकर बंद कराया। रामगंज क्षेत्र में अपरान्ह गलियों की कई दुकानें खुल गईं।
शराब की दुकानें बनी निशाना : बंद समर्थकों ने सांगानेर व प्रतापनगर में शराब की दुकानें खुली मिलने पर हल्की तोड़फोड़ की। इसके बाद सेल्सेमैन दुकाने बंद करके भाग गए।
टोंक रोड पर भी सब बंद : टोंक रोड पर हालांकि सुबह बाजार खुलने लगे थे, लेकिन करीब 11 बजे कुछ महिला पार्षदों ने बंद करा दिया। गोपालपुरा मोड़, टोंक पुलिया के आसपास तथा गांधीनगर मोड़ पर सभी दुकानें बंद थीं। नेहरू प्लेस के अधिकतर ऑफिस खुले रहे।
आदर्श नगर, राजापार्क और जवाहर नगर में भी लगभग सभी दुकानें बंद रहीं। सुबह कुछ कार्यकर्ता घूम-घूम कर लोगों को इकट्ठा करते रहे और दुकानें बंद कराते रहे। इनमें बड़ी संख्या में व्यापारी भी थे। राजा पार्क में पंजाबी महासभा जयपुर की महिला विंग की करीब डेढ़ दर्जन कार्यकर्ता हाथ में तलवारें लेकर गली-मोहल्लों की दुकानों को बंद कराती रहीं।
डरा-धमकाकर दुकानें बंद कराईं : कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा एवं उसके सहयोगी संगठनों की ओर से बंद कराने के नाम पर आमजन व व्यापारियों से मारपीट कर एवं उन्हें डरा-धमकाकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार राज्य में सांप्रदायिकता का जहर घोलकर सत्ता में आना चाहती है। प्रवक्ता सत्येंद्रसिंह राघव ने गुरुवार को एक बयान में राज्य सरकार के संरक्षण में भाजपा द्वारा प्रदेश में बंद का राजनीतिक लाभ लेने के प्रयास को लोकतंत्र के लिए घातक बताया है।
कांग्रेस का आरोप है कि बंद के दौरान अदालत के आदेशों की अवहेलना की गई। थड़ी-ठेला व छोटे व्यापारियों का सामान लूट लिया गया। सरकार ने इन्हें रोकने का कोई प्रयास नहीं किया।