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रथ दुतिया पर निकलेंगे भगवान

रायपुर. god रथ दुतिया पर शुक्रवार को श्रद्धालुओं को दर्शन देने महाप्रभु भगवान जगन्नाथ स्वयं सड़क पर निकलेंगे। भगवान अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ आषाढ़ शुक्ल की द्वितीया को अपनी मौसी गुंडीचा रानी के घर जाएंगे। तीन रथ पर सवार त्रिदेव की ऐतिहासिक रथयात्रा को देखने और रथों को खींचकर पुण्य कमाने के लिए राजधानी में आसपास से काफी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं। राजधानी में विभिन्न स्थानों से रथयात्राएं निकलेगी। इसकी तैयारियां आज पूरी कर ली गई।

धार्मिक परंपरा के अनुसार पूर्णिमा को मंदिर से बाहर आकर तीनों देव भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्राजी के स्नान करने से अस्वस्थ होने के बाद वे स्वस्थ होकर सज-धजकर रथयात्रा पर निकलते हैं और अपनी मौसी के घर जाते हैं। वहां वे देवशयनी एकादशी तक विश्राम करेंगे। छत्तीसगढ़ में ‘रथ दुतिया’ के नाम से प्रसिद्ध यह रथयात्रा 4 जुलाई को निकल रही है।

उल्लेखनीय है कि राजधानी में विभिन्न स्थानों से भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा को सजाकर उनकी भव्य रथयात्रा निकाली जाती है, एकादशी को धूमधाम से वापस लौटती है। आज मंदिरों व अन्य स्थानों से निकलने वाले रथों को आयोजन समितियों ने अंतिम रूप देकर अन्य तैयारियां पूरी कर लीं। इस दौरान चौक-चौराहों पर अंकुरित चना व गजामुंग, नारियल और फल्लीदाना का महाप्रसाद बांटा जाएगा।

सदरबाजार से दोपहर 2 बजे निकलेगी यात्रा : सदरबाजार स्थित बद्रीप्रसाद पुजारी मार्ग स्थित प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ मंदिर से भी रथयात्रा धूमधाम से निकलेगी। मंदिर के मुकेश प्रकाश पुजारी ने बताया कि आषाढ़ द्वितीया पर होने वाली विशेष पूजा और हवन दोपहर 12 बजे प्रारंभ होगा। इसके पश्चात रथयात्रा मंदिर परिसर से दोपहर 2 बजे निकलेगी। वहां से मालवीय रोड, जयस्तंभ चौक, शारदा चौक होते हुए महात्मा गांधी मार्ग स्थित जनकपुर पुजारी बाड़ा में संपन्न होगी।

शेरवाले मंदिर का बड़े-रथ निकलेगा : प्राचीन टुरीहटरी स्थित जगन्नाथ मंदिर से अंग्रेजों के समय से रथ निकलता रहा है। पं. विजय कुमार झा के अनुसार उस समय रायपुर से निकलने वाला यह एकमात्र रथ हुआ करता था, जो बड़े-रथ, शेरवाले जगन्नाथ मंदिर के रथ के नाम से प्रसिद्ध था। उन्होंने बताया कि पहले यहां का रथ काफी विशाल हुआ करता था, लेकिन एक बार अंग्निकांड होने के बाद से इसे अब छोटे रूप में निकाला जाता है। वर्तमान में महंत रामसुंदरदास न्याय समिति की देखरेख में निकलने वाली यात्रा की तैयार इस बार भी उत्साह से की गई है। मंदिर में विधिवत पूजा कर रथयात्रा का शुभारंभ होगा।

उत्कल घासिया समाज का आयोजन : उत्कल घासिया समाज भी पहली बार आमापारा से रथ निकाल रहा है। जय जगन्नाथ समिति के सचिव अश्विनी सोनी ने बताया कि रथयात्रा आमापारा से शुरू होकर कोतवाली, मालवीय रोड, जयस्तंभ चौक, शारदा चौक होते हुए वापस आमापारा आएगा। आमापारा नगर निगम कालोनी में होने वाले शुभारंभ समारोह के मुख्यअतिथि कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्षसत्यनारायण शर्मा होंगे। रथयात्रा महोत्सव दो दिन चलेगा। उधर जगन्नाथ मंदिर डीकेएस मंत्रालय परिसर से दोपहर 3 बजे महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा निकलेगी।

भक्ति में झूमेंगी कटक की बालाएं : छत्तीसगढ़ उत्कल नवयुवक संघ जयस्तंभ चौक पर महाप्रभु के रथों का जोरदार स्वागत करेंगे। इस दौरान जयस्तंभ चौक पर उत्कलवासी महाप्रभु जगन्नाथ की भक्ति में झूमेंगे। संघ के प्रदेश प्रवक्ता अजीत कुमार तांडी ने बताया कि इस दौरान कटक की उत्कल बालाएं भजनों पर नृत्य करेंगी, तो महिलाएं परंपरा अनुसार हुलहुली व बांदापान देकर स्वागत करेंगी। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भगवानु नायक की अगुवाई में राजधानी के सैकड़ों जगन्नाथ सैनिक जयस्तंभ चौक पर एकत्र होकर कीर्तन, भजन व आतिशबाजी करेंगे।

जयस्तंभ चौक पर होगा स्वागत : उत्कल विकास मंच के बैनर तले जयस्तंभ चौक पर पंडाल लगाकर चौक पर महाप्रभु जगन्नाथ के आने वाले सभी रथों का स्वागत कर प्रसाद वितरण किया जाएगा। कार्यक्रम में नगर निगम के पूर्व सभापति गजराज पगारिया, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंदरचंद धाड़ीवाल, प्रदेश कांग्रेस झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के राजेंद्र सिंह व महामंत्री आनंद तांडिया उपस्थित होकर स्वागत करेंगे। छत्तीसगढ़ प्रदेश उत्कल कांग्रेस रथयात्रा पर कोतवाली चौक पर महाप्रसाद अंकुरित चना, गजामूंग, नारियल, फल्लीदाना समेत सभी सामग्रियां बांटेगी।

विशाल मंच से की जाएगी पुष्प वर्षा : छग उत्कल युवा ब्रिगेड जयस्तंभ चौक पर भव्य मंच बनाकर प्रभु जगन्नाथ का पुष्प वर्षा कर स्वागत करेगा। ब्रिगेड के प्रदेशाध्यक्ष बनमाली छुरा ने बताया कि संगठन के सभी पदाधिकारी शुक्रवार को गायत्री मंदिर स्थित जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद जयस्तंभ चौक पर स्वागत व प्रसाद वितरण किया जाएगा।

इसमें उत्कल समाज के कपिल सेनापति, जीतू भारती, नीलांबर महानंद, संजय सोनी, पंकज प्रधान आदि उपस्थित होंगे। उधर उत्कल महिला समिति संतोषीनगर में रथयात्रा का स्वागत करेगी। समिति की अध्यक्ष ननकी जगत, सचिव वनीता महानंद समेत संस्थापक सुखरू सोनी, फगनू नायक, निंगराज तांडी आदि ने समाज के लोगों को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की।

गायत्रीनगर में राज्यपाल करेंगे छेरा-पहरा की रस्म : गायत्रीनगर स्थित राज्य के सबसे बड़े जगन्नाथ मंदिर से भी शुक्रवार को भव्य रथयात्रा निकलेगी। वहां राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन प्रथम सेवक के रूप में छेरा-पहरा की रस्म अदा करेंगे। मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने राज्यपाल दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर पहुंचेंगे और दोपहर पौने तीन बजे तक विशेष पूजा-अर्चना और आरती करेंगे।

इस दौरान राज्यपाल मंदिर परिसर में नवनिर्मित आनंद बाजार भोगशाला का लोकार्पण भी करेंगे। इसके पश्चात राज्यपाल रथयात्रा का शुभारंभ करेंगे। तीनों रथ मंदिर से निकलकर शंकरनगर स्थित बीटीआई मैदान में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखे जाएंगे। कार्यक्रम में संस्कृतिमंत्री बृजमोहन अग्रवाल भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि रात्रि 9 बजे महाप्रभु के गुंडिचा मंदिर से वापसी के दौरान होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह सपत्नीक भगवान का स्वागत करेंगे। इधर, गुरुवार को मंदिर परिसर में विद्वान आचार्यो ने भव्य अभिषेक और हवन पूजन किया। इस नेत्र उत्सव में भगवान को चंदन, केशर, गोरचन, कस्तूरी एवं कपूर से स्नान कराया गया।





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