भोपाल. अभी तक नगर निगम के पास यह जानकारी नहीं थी कि शहर में कहां-कहां कचरा पड़ा रहता है और कहां-कहां से कितना कचरा उठाया जा रहा है। अब नगर निगम ने शहर के कचरे का प्रबंधन करने के लिए सभी जोन कार्यालय से उनके क्षेत्र के नक्शे मंगाए हैं। नक्शे के आधार पर ही अब कचरा उठाने की योजना तैयार की जाएगी।
नगर निगम ने हाल ही में एक सर्वेक्षण में पाया कि शहर में कम कचरा निकलने वाले स्थानों पर बड़े कंटेनर रखे हैं जो रोज नहीं भर पाते और वहां का कचरा रोज नहीं उठ पाता, जबकि कुछ स्थानों से कंटेनर की क्षमता से ज्यादा कचरा निकल रहा है। इससे वहां ज्यादा गंदगी फैल रही है। इसके अलावा कचरे के कंटेनरों को उठाने वाली गाड़ियों का रूट चार्ट नहीं होने की वजह से नगर निगम के वाहनों का डीजल भी ज्यादा खर्च हो रहा है।
सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि कुछ जगहों पर कचरे के कंटेनर नहीं होने से लोग खुले में कचरा डाल रहे हैं। इस कचरे को उठाने में निगम को भी परेशानी हो रही है। इन सारी परेशानियों से निजात पाने के लिए नगर निगम ने सभी जोन कार्यालयों से उनके क्षेत्र के नक्शे मंगाए हैं।
इससे कचरे के कंटेनर वाले स्थानों और खुले में कचरा डालने वाले स्थानों का पता लगाया जा सकेगा। इसके बाद निगम कचरे को रोज उठाने के लिए कचरा निकलने की क्षमता के अनुसार कंटेनर रखेगा। इसके अलावा खुले में कचरा डाले जाने वाले स्थानों पर कंटेनर रखे जाएंगे।
कचरा और संसाधन
प्रति दिन निकलने वाला कचरा-850 टन
मिनी गारबेज हाई लिफ्टर कलेक्टर-20
डम्पर प्लेसर-11 ठ्ठ रोड स्वीपर-2
सीवेज मशीन-6
यह होगा फायदा
खुले में कचरा नहीं डाला जाएगा
रोज कचरा उठेगा
कंटेनर्स की संख्या का पता लग सकेगा
कचरा उठाने वाले वाहनों की डीजल खपत कम होगी।
>> शहर को स्वच्छ रखने के लिए कचरे का प्रबंधन किए जाने की योजना बनाई गई है। इसे एक सप्ताह के भीतर अमल में लाया जाएगा।
मनीष सिंह, निगमायुक्त