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पुलिस बनकर लूट, 3 गिरफ्तार

बिलासपुर. गिरफ्तार आरोपियों में एक निलंबित सिपाही व उसके दो साथी शामिल हैं। उनके पास से लूट का माल बरामद कर अग्रिम कार्रवाई के लिए सिविल लाइन पुलिस को सौंप दिया गया।

बेलगहना चौकी अंतर्गत ग्राम कोनचरा निवासी बहोरिक लाल गंधर्व पिता नाथूराम(28) ड्राइवर है। मंगलवार को वह ओमप्रकाश गुप्ता की मेटाडोर क्रमांक सीजी 10, जेडबी 1769 में व्यापार विहार पहुंचा। वहां से किराना सामान लेकर वह रात लगभग 11:30 बजे बेलगहना वापस जाने के लिए निकला। स्वर्ण जयंती नगर के पास एक बगैर नंबर की मोटर साइकिल में दो युवकों ने वाहन को ओवरटेक कर रुकवा लिया। गाड़ी के सामने पुलिस लिखा हुआ था।

उन्होंने ड्राइवर को बताया कि वे पुलिसकर्मी हैं। उन्होंने उससे एंट्री टैक्स की मांग की। ड्राइवर ने रुपए देने से इनकार कर दिया। दोनों के बीच इस बात को लेकर बहस हुई। काफी देर तक वाद-विवाद के बाद दोनों युवकों ने ड्राइवर को जबरदस्ती अपने साथ बाइक में बिठा लिया और उसे धमकाते हुए महाराणा प्रताप चौक की ओर ले गए। वहां उन्होंने ड्राइवर की नकली थानेदार से बात करा दी और उसे धमकाते हुए वहीं छोड़ दिया। वे वापस मेटाडोर के पास पहुंचे और केबिन में रखे 2200 रुपए नगद, मोबाइल हैंडसेट, 8 कट्टा खंडा चावल, दो डिब्बा बिस्किट आदि लेकर चले गए।

मेटाडोर चालक ने बाद में घटना की जानकारी वाहन मालिक को दी। बुधवार को वे थाने पहुंचे और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने क्राइम ब्रांच को मामले की पतासाजी के निर्देश दिए। इस पर एसआई प्रभाकर तिवारी, एएसआई मुरलीधर जायसवाल, रमेश शर्मा, प्रधान आरक्षक विजय श्रीवास्तव, आरक्षक हेमंत सिंह, शोभित कैवत्र्य, बलबीर सिंह, जितेश सिंह, अशोक कश्यप, जय साहू, चंद्रपाल खाण्डे व सिविल लाइन थाना के एसआई बीपी बाखला ने टीम बनाकर जांच शुरू की।

जांच मंे स्वर्ण जयंती नगर निवासी दुर्गेश यादव पिता रामजी के शामिल होने की बात सामने आई। पुलिस ने उसे हिरासत मंे लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में उसने अपने साथियों मिनीमाता नगर निवासी कल्लू सारथी पिता हीरा(18) व ईदगाह चौक निवासी शिवशंकर र्कुे पिता मनहरण के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना कबूल लिया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर उनके पास से लूट का माल बरामद कर लिया।

मोबाइल के आधार पर पकड़े गए आरोपी
बगैर नंबर की स्पलेंडर बाइक में रिंग रोड नंबर पर पहुंचे कल्लू व शिवशंकर ने ड्राइवर को रुकवाकर रुपए मांगे। जब वह नहीं माना तो वे उसे महाराणा प्रताप चौक ले गए। वहां ड्राइवर के ही मोबाइल फोन से दुर्गेश के मोबाइल में फोन कर उसे थानेदार बताकर ड्राइवर से बात करा दी। उसने फोन पर ड्राइवर को खूब धमकाया। रिपोर्ट लिखाते समय ड्राइवर ने पूरी बात बताई। नंबर के आधार पर जांच करने पर पुलिस दुर्गेश तक पहुंच गई और फिर उसने पूरी कहानी बयां कर दी।

कई पुराने मामलों का भी आरोपी है शिवशंकर
शिवशंकर कुर्रे पुलिस विभाग का निलंबित आरक्षक है। उसके खिलाफ पहले से ही कई मामलों में अपराध दर्ज हो चुका है और कई की जांच जारी है। जानकारी के अनुसार वह श्रीराम टावर्स में सेंट्रिंग प्लेट चोरी में सहयोग देने, कबाड़ से भरे एक वाहन की लूट, मारपीट व जुआ के कई मामलों में आरोपी है। इसके चलते उसे निलंबित कर दिया गया था।





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