इंदौर. दोपहर ढाई बजे के बाद उन्मादियों का रूख लोहारपट्टी की और था। जैसे ही नारेबाजी करते हुए भीड़ इतवारियां बाजार की और से लोहारपट्टी में घुसी दहशतजदा लोगों ने अपने पर हमले की आशंका से भयभीत होकर पथराव शुरु कर दिया। 10 मिनट में ही हालात बेकाबू हो गये। उपद्रवी पुलिस पर भारी साबित होने लगे थे।
जिस समय यहां पथराव चल रहा था आईजी अनिलकुमार व डीआईजी डी श्रीनिवास राव फोर्स के साथ नरसिंह बाजार चौराहे पर थे। दोनों जब लोहारपट्टी पहुंचे तो लोगों ने उन्हें घेर लिया और पूछने लगे की हमें कौन बचाएगा। जिस समय उनकी लोगों से बातचीत चल रही थी तभी मल्हारगंज गली नं 1 तथा मल्हारगंज से जिंसी जाने वाले रास्ते पर पथराव शुरु हो गया।
गली नं एक में तो लोग इतने ज्यादा उग्र थे कि टीआई नवरत्नसिंह को अपने सर्विस रिवाल्वर से 20 राउंड गोली चलाना पड़ी। यहां जवानों ने भी 5-6 राउंड चलाए। जब उपद्रवियों ने गली के सामने स्थित एक धर्मस्थल पर पत्थर बरसाना शुरु कर दिये तो फिर एडीएम रमेश भंडारी और सीएसपी भारतेंदू सालूंके 50-60 जवानों को लेकर पिल पड़े और कई लोगों को जमकर पीटा।
लोगों ने यहां पुलिस द्वारा छोड़े गये टीयर गैस शेल को उठाकर पुलिस पर भी फेंकना शुरु कर दिया और एक स्कुटर में भी आग लगाने की कोशिश की। इसी स्कूटर के पास बाद में कुछ देशी बम भी पड़े मिले।
करीब आधा घंटे के संघर्ष के बाद लोहारपट्टी से लेकर मल्हारगंज तक के इलाके में स्थिति नियंत्रण में आयी पर रह रहकर छुटपुट पथराव होता रहा। कुछ लोगों ने एक बार भारत माता चौक में पथराव कर माहौल बिगाड़ना चाहा लेकिन सफल नहीं हुए। जिस दौरान संघर्ष हुआ तब यह थाना क्षेत्र भी कफ्र्यू की गिरफ्त में था पर सैकड़ो लोग सड़क पर ही घूम रहे थे।