इंदौर. मल्हारगंज, लोहारपट्टी, जिंसी इलाके सुलग उठे। बंद के समर्थकों और दूसरे पक्ष ने मानो समूचे इलाके के हाथ-पैर बांधकर कैद कर दिया हो। आम आदमी असहाय सा खड़ा यह सब झेलने को मजबूर था। जिन्हें रक्षा करनी थी वे खुद मूकदर्शक बने थे। ऑफिस जाने वालों को भी उपद्रवियों की मनमानी का सामना करना पड़ा।
शहर में उपद्रव की शुरुआत पुराने एसपी ऑफिस के करीब गफूर खां की बजरिया-बड़वाली चौकी इलाके से हुई। करीब 10 बजे वहां से बंद समर्थकों की टोली गुजरी और कुछ दुकानें खुली देख नारेबाजी की। इससे दुकानें तो बंद नहीं हुई विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते इमली बाजार, सुभाष चौक की ओर से भीड़ चौराहे पर जमा हो गई। उधर, बड़वाली चौकी की ओर भी काफी लोग इकट्ठा हो गए। दोनों ओर से जमकर नारेबाजी होने लगी।
खिड़कियों व गैलरियों में महिलाओं ने मोर्चा संभाला और पुलिसकर्मियों को भला-बुरा कहने लगीं। कुछ ही देर में ईंट-पत्थर चलने लगे और सड़क पट गई। तब वहां गिने-चुने पुलिसकर्मी ही थे जो कुछ नहीं कर पा रहे थे। थोड़ी ही देर में सीएसपी सालुंके, सब इंस्पेक्टर निशा जायसवाल पहुंची और काफी देर तक जद्दोजहद कर लोगों को हटाया।
एमजी रोड थाना घेरा
करीब 10.15 बजे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एमजी रोड थाने का घेराव कर दिया। वे पिछली सरकार द्वारा थाने के पीछे की जमीन वक्फ बोर्ड को देने का विरोध कर रहे थे। उन्होंने श्राइन बोर्ड को जमीन नहीं तो वक्फ बोर्ड को जमीन नहीं जैसे नारे भी लगाए। घेराव आधे घंटे चला।
इस बीच वरिष्ठ पदाधिकारी थाने में अफसरों से चर्चारत थे। बाद में भाजपा अध्यक्ष सुदर्शन गुप्ता, व्यापारी प्रकोष्ठ प्रदेशाध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा ने बताया एडीएम श्री भंडारी ने अपने और नजूल के कागज देखकर दो-तीन दिन में निराकरण का आश्वासन दिया है। तब कार्यकर्ता वहां से हटे। तब तक पूरे क्षेत्र का ट्रैफिक अस्त-व्यस्त रहा।
रानीपुरा में तीन तरफ से पथराव
इधर एमजी रोड थाने का घेराव चल रहा था और उधर रानीपुरा के झंडा चौक, पत्ती बाजार सहित आसपास के क्षेत्र में पथराव होने लगा। संकरी गलियों से आए लोगों ने तीन तरफ से कई घरों व दुकानों पर पत्थर बरसाए। गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। देर तक आमने-सामने पत्थर चलते रहे।
सूचना मिलने पर एडीएम रमेश भंडारी और एडीशनल एसपी मनोजसिंह भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और आसपास की गलियों में घूम-घूम कर लोगों को घरों के अंदर किया। शेष दुकानें भी बंद कराईं। इसके बाद भी रिवर साइड रोड पर जमा लगा हुआ था। कार्यकर्ताओं की टोलियां नारेबाजी करते हुए घूम रही थी।