इंदौर. खजराना क्षेत्र में हुई पुलिस फायंिरंग पर एसपी आर.के. चौधरी की सफाई है पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए मजबूरी करना पड़ी। ऐसा नहीं किया जाता तो थाने में घिरे पुलिसकर्मियों को बचाना मुश्किल था क्योंकि वे भी घायल हुए।
पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता लगेगा मरने वालों को किसकी गोली लगी। उन्होंने स्वीकारा खुफिया शाखा को उपद्रव के बारे में कोई भी जानकारी नहीं थी। ये जानकारियां श्री चौधरी ने पुलिस कंट्रोल रूम पर श्री चौधरी ने संवाददाताओं के सवालों के जवाब में दी।
पुलिस द्वारा समय पर स्थिति नियंत्रित नहीं करने? के सवाल पर कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव व श्री चौधरी का कहना था उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि स्थिति इतनी बिगड़ जाएगी। इसके पहले भी इंदौर में सांम्प्रदायिक तनाव हुए लेकिन ऐसी स्थिति नहीं बनी। दंगाइयों के सामने पुलिस मूकदर्शन बनी रही? इस पर एसपी कोई जवाब नहीं दे सके।
पूरे मामले की जांच कराने को लेकर दोनों का कहना था उनकी प्राथमिकता पूरे मामले को नियंत्रित करना है। जांच के बारे में बाद में सोचेंगे। नया होने के कारण आई परेशानी पर दोनों का कहना था कि हम पहले भी इंदौर में काम कर चुके हैं। जिन घरों से भारी पथराव हुआ उनकी अलग से जांच करने की बात उन्होंने कही। रविदासपुरा में नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों द्वारा अश्रूगैस चलाने के सवाल पर बोले हमें जानकारी नहीं। तनाव के दौरान निकले हथियारों की जांच करने को कहा गया है।
एसपी ने बताया स्थिति संभालने के लिए 750 पुलिसकर्मियों का अतिरिक्त बल बुलाया है जो रात को ही पहुंच जाएगा। सभी प्रभावित क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात है। अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
असहाय नजर आई पुलिस
बंबई बाजार, नृसिंह बाजार चौराहा से मालगंज तक का क्षेत्र 11.15 बजे से ही उपद्रवियों के हवाले था। बंद कराने निकली कार्यकर्ताओं की टोली पर मोचीपुरा में कुछ युवकों ने पथराव कर दिया। इसके बाद लोग भड़क उठे। बंबई बाजार, उदापुरा, नृसिंह बाजार, मुकेरीपुरा, लोधीपुरा, कागदीपुरा से लेकर छत्रीपुरा तक हिंसा भड़क उठी। तब वहां सब इंस्पेक्टर कमलेशकुमार सिंगार के साथ मुट्ठीभर जवान ही थे, जो पूरी तरह असहाय नजर आए। अश्रुगैस से भी लोग नहीं माने।
भीतर पथराव हो रहा था और पुलिसकर्मी चौराहे पर दुकानों के ओटलों पर बैठे थे। उन्हें अपर कलेक्टर रेणु पंत ने गाड़ी उतरकर फठकारा- क्या आप बैठने की ड्यूटी कर रहे हैं। तब वे उठे। कपड़ा बाजार वाले हिस्से में भी भारी भीड़ जमा थी। कुछ देर बाद एडीशनल एसपी मनोजसिंह बल लेकर पहुंचे और संकरी गलियों में तेज हॉर्न बजाते हुए गाड़ी दौड़ाई।
कुछ देर के लिए माहौल शांत होता नजर आने लगा, लेकिन थोड़ी ही देर में छतों से पत्थर आने लगे। मुकेरीपुरा चौकी के पास महिलाएं घरों से निकल आईं और पुलिसकर्मियों को उल्टा-सीधा कहने लगीं। फिर अश्रुगैस के गोले फूटे और धुएं के गुबार उठने लगे। इसी बीच उपद्रवियों ने नृसिंह बाजार में एक रिक्शा जला दी। उसमें गैस टंकी लगी होने से कोई पास जाने को भी तैयार नहीं था।
करीब 15 मिनट बाद फायर ब्रिगेड पहुंची तब तक रिक्शा काफी जल चुका था। इस बीच उदापुरा से एक के बाद एक दो युवकों को गंभीर स्थिति में बाहर लाया गया। दोनों के सिर से खून बह रहा था। इससे लोग फिर भड़क उठे और पथराव करने लगे।
पथराव में फंसे दो परिवारों को निकालने में भी पुलिस को पसीना आ गया। कफ्यरू घोषित होने के करीब डेढ़ घंटे बाद स्थिति शांत होती नजर आ रही थी, तभी मालगंज चौराहा, इतवारिया, लोहारपट्टी, मल्हारगंज क्षेत्र में पथराव शुरू हो गया, जो करीब आधे घंटे चला।