इंदौर. संवेदनशील क्षेत्रों में सबसे शांत माने जाने वाले खजराना थाना क्षेत्र में खूनखराबे का जो तांडव हुआ उसे देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। यह कोई फिल्मी दृश्य नहीं था। क्षेत्र में हर ओर पत्थर बरस रहे थे, वहीं ऐसी अंधाधुंध फायरिंग हुई जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। बंदूकें, रिवाल्वर, तलवारें, चाकू लेकर लोग जहां उपद्रव कर रहे थे। वहीं खुद एसपी मौके पर रहने के बावजूद नियंत्रण नहीं कर सके।
किसी के सीने में गोली लगी तो किसी के पेट में। कोई घर में कराह रहा था तो कुछ सड़क पर लहूलुहान पड़े थे। इसके बावजूद दंगाइयों का जुनून सिर पर था। आधे घंटे तक वे थाने पर हमला करते रहे। पुलिस ने कफ्यरू के बाद मोर्चा संभाला तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तीन परिवारों के आसदीप बुझ चुके थे तो कुछ जिंदगी-मौत से संघर्ष कर रहे हैं। खूनखराबे के चश्मदीद बने भास्कर क्राइम रिपोर्टर संतोष शितोले की लाइव रिपोर्ट-
बंद के दौरान पश्चिम क्षेत्र में सुलगी हिंसा की आग कुछ ही देर में खजराना थाना क्षेत्र में जा पहुंची और देखते ही देखते उसने बड़ा रूप ले लिया। करीब चार घंटे चले उपद्रव में कई स्थानों पर दोनों पक्ष आमने-सामने हुए और अंधाधुंध फायरिंग व पथराव हुआ।
पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश करती रही लेकिन कुछ न कर सकी। बाद में उन्होंने खजराना थाने पर हमला बोल दिया। खजराना क्षेत्र में ही तीन लोग मारे गए जबकि पुलिसकर्मियों सहित 20 से ज्यादा घायल हो गए। तीन घंटे बाद पुलिस ने 144 धारा लगाई लेकिन फिर भी स्थिति काबू नहीं हुई तो कफ्यरू लगाना पड़ा।
शुरुआत सुबह 10 बजे खजराना रिंगरोड चौराहा से हुई। यहां से आ रहे लोगों को कुछ शरारती युवकों ने रोका और नाम पूछा। नाम बताते ही उनकी पिटाई की और भगा दिया। ऐसा कई बार हुआ। पीटे गए लोगों ने इसकी सूचना अपने संबंधियों को दी इस बात को लेकर दोनों पक्षों में तनातनी शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने रिंगरोड से खजराना के लिए प्रवेश बंद कर दिया।
उधर, दोनों पक्ष के लोग खजराना मंदिर तिराहा और ममता कॉलोनी के पास जमा हो गए। फिर एक पक्ष के लोगों ने नारे लगाना शुरू कर दिए। जवाब में विरोधी पक्ष ने भी नारे लगाए। इसके बाद अचानक दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे और उग्र हो गए। कुछ ही देर में सीएसपी बिट्टू सहगल, टीआई प्रतापसिंह राणावत ने दोनों पक्षों को दूर किया।
इसके बावजूद वे नारेबाजी से बाज नहीं आए और पत्थर फेंके। सूचना मिलने के बाद एसपी आरके चौधरी, अपर कलेक्टर गोपाल डाड, एसडीएम पवन जैन सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें हिदायत दी। इसके बाद पुलिस के दो दलों ने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की और उन्हें भिड़ने से रोका।
एसपी जब यहां मौके पर थे तभी मंदिर से कुछ दूर पीपली चौक (खजराना गांव) में दो पक्ष आमने-सामने हो गए। यहां भी पहले नारेबाजी हुई और फिर अचानक पथराव शुरू हो गया। लोग इधर-उधर दुबकते तब तक पूरा मार्ग पत्थरों से पट गया।
पथराव में दोनों पक्ष के पांच लोग घायल हो गए। इसके बाद अचानक एक पक्ष के लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में दूसरे पक्ष के लोगों ने भी राइफलें और रिवाल्वरें निकाली व फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस मौके पर थी लेकिन वह उन्हें रोकती तक फिर पथराव शुरू हो गया।