जोधपुर.
जोधपुर फिल्म सोसायटी द्वारा राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के तत्वावधान में दक्षिण अफ्रीका की फिल्मों के सत्र में गुरुवार को फिल्म रेड डस्ट का प्रदर्शन किया गया।
फिल्म यह दर्शाती है कि हम लोग भूत में किए गए कार्र्यो से रूबरू होकर अगर दूसरों के दृष्टिकोण से घटनाओं को समझने की कोशिश करें तो यह हमें पुराने घावों को भरने और आपसी कड़वाहट को भूलने का मौका देगा।
पुरानी घटनाओं के लिए फिल्म कोई बलि का बकरा नहीं ढूढ़ती है। कहानी में सभी किसी हद तक सही है और किसी हद तक गलत। यह दोष या दोषियों को नहीं ढूंढ़ कर व्यक्तियों के उद्धार की कहानी है। गरीबी व संसाधनों की कमी से त्रस्त जीवन के बीच फिल्म मानवीय मनोवृत्ति की ऊंचाइयों का समारोह है।
यह फिल्म अत्यंत प्रभावशाली रूप से उत्पीड़न व घावों से भरे जाने के जटिल राजनीतिक व अनैतिक प्रश्नों को स्पष्ट रूप से निक्षारित चरित्रों के माध्यम से गंभीरतापूर्वक विश्लेषण करती है।
सोसायटी के सचिव मोहन स्वरूप माहेश्वरी ने बताया कि 4 जुलाई को काई द बिलेवेड कन्ट्री फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। फिल्म काले व एक गोरे किसान जिन दोनों ने उस समय में अफ्रिकी समाज की हिंसा में अपने बेटे खोए हैं, की एक दूसरे को समझने की गंभीर कहानी है।