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कुलपति-रजिस्ट्रार में विवाद गहराया

कोटा. राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा में कुलपति व रजिस्ट्रार के बीच चल रहा शीतयुद्ध अब खुलकर सामने आ गया है। कुलपति ने रजिस्ट्रार व वित्त अधिकारी को दी गई वाहन सुविधा हटा ली है, तो रजिस्ट्रार ने कुलपति द्वारा की गई पदोन्नतियों व नियुक्तियों पर आपत्ति लगा दी है। इस विरोध के चलते पदोन्नत कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। विवाद के चलते गुरुवार से रजिस्ट्रार अवकाश पर चले गए।

राज्य सरकार ने कुछ समय पहले ही तकनीकी विवि में रजिस्ट्रार सूरजभान जैमन व वित्त अधिकारी के रूप में देवराज को नियुक्त किया है। इन्होंने आते ही यहां चल रहे आरपीईटी व आरएम केट व आरमेट सहित विवि से संबद्ध कॉलेजों की परीक्षा संबंधी कार्र्यो के भुगतान पर वित्त नियमों का हवाला देते हुए रोक लगानी शुरू कर दी। इससे वहां के कार्य प्रभावित होने लगे।

कब बढ़ा विवाद
पिछले दिनों विवि परिसर में स्वामी विवेकानंद के प्रतिमा लोकार्पण समारोह में कुलपति दामोदर शर्मा ने दो मंत्रियों कालीचरण सर्राफ व वासुदेव देवनानी के सामने रुकावटों के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद कुलपति व रजिस्ट्रार के बीच विवाद और बढ़ गया। इसमें रजिस्ट्रार का सहयोग वित्त अधिकारी देवराज भी देने लगे। विवाद तब और बढ़ गया, जब कुलपति ने रजिस्ट्रार व वित्त अधिकारी को उपलब्ध कराई वाहन सुविधा वापस ले ली। उन्हें पूल के वाहन का प्रशासनिक उपयोग करने की छूट दी।

इससे दोनों प्रशासनिक अधिकारी खफा हो गए। हाल ही में बोर्ड ऑफ मैंनेजमेंट की बैठक में प्रोफेसर की पदोन्नति वर्ष 1999 से मानकर लाभ देने के निर्णय पर वित्त विभाग ने आपत्ति लगा दी। इससे इनका वेतन रुक गया है। रजिस्ट्रार का कहना है कि इस बैठक में पिछले वर्ष हुई बैठक में लिए फैसलों को बदल दिया गया है। इससे विवि पर करोड़ों रुपए का अतिरिक्त भार पड़ने वाला है।

पदोन्नति के आदेश रजिस्ट्रार के स्थान पर निदेशक से निकलवाए जा रहे हैं। इस बारे में राज्य सरकार को लिखा जाता है तो उस पर आपत्ति की जा रही है। उधर, कुलपति रजिस्ट्रार व वित्त अधिकारी के कार्य से खफा हैं। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने उन्हें विवि चलाने के लिए भेजा है, इसकी जड़ें खोदने के लिए नहीं। दोनों को व्यक्तिगत रूप से समझा दिया गया है। फिर भी वे विवि के कार्य में रुकावटें पैदा कर रहे हैं।

इनका कहना है...
रजिस्ट्रार का आरोप
नियम विरुद्ध कार्य करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इसमें उनका सहयोग नहीं करने पर कार्य में रुकावटें पैदा की जा रही हैं। जो भी नियम विरुद्ध कार्य हुए हैं, उनकी जानकारी राज्य सरकार को दी गई है। वहां से इस बारे में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
—एस.बी. जैमन, रजिस्ट्रार

कुलपति ने कहा
जो भी कार्य किया, नियमानुसार किया है। जो अधिकारी आरोप लगा रहे हैं, उन्हें या तो नियमों की जानकारी नहीं है, या फिर वे विवि की छवि खराब करना चाहते हैं। किसी को आपत्ति है तो कोर्ट में जा सकता है। कार्य विवि के हित में किए जा रहे हैं।
—दामोदर शर्मा, कुलपति





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