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बंद, बवाल और बेबसी

कोटा. band बजरंग दल के कार्यकर्ता महावीर नगर तृतीय चौराहे पर एकत्र हुए और वहां से प्रमुख मार्र्गो से होते हुए मानव विकास भवन पहुंचे। तय रणनीति के अनुसार यहां से कार्यकर्ता शहर के अलग-अलग हिस्सों में बंद कराने के लिए निकल पड़े।

बाजारों में खुली दुकानों को बंद समर्थकों ने जबरन बंद करा दिया। विरोध करने पर दुकानदारों से तकरार की और कुछ जगह कार्यकर्ताओं ने दुकानों के शटर पर लाठियां बरसरई।

उधर, बंद समर्थक छावनी फ्लाईओवर के पास एकत्र हुए और केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने पास बने कटले में घुसने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक दिया। यहां से कार्यकर्ता आरटीओ ऑफिस पहुंचे और एजेंटों की गुमटियां बंद करा दी। बंद समर्थकों ने कार्यालय में घुसकर हंगामा किया तो कर्मचारी कमरों के ताला लगा बाहर आ गए। वहीं पूर्व उपमहापौर योगेन्द्र खींची के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विज्ञाननगर मार्ग व फ्लाईओवर पर जाम लगाया।

पुलिस से तनातनी
बंद के दौरान समर्थकों ने गुमानपुरा में खुली शराब की दुकान को जबरन बंद करा दिया और सेल्समैन के साथ मारपीट की। जब डीएसपी केडी चारण और सीआई चंदन सिंह ने कार्यकर्ताओं को रोकते हुए त्रिशूल और लाठी छीनने की कोशिश की तो बंद समर्थक उनसे ही भिड़ गए। रावतभाटा रोड पर एक मोबाइल शॉप पर तोड़फोड़ करने का प्रयास करते हुए पुलिस ने एक कार्यकर्ता को पकड़ लिया।

समर्थकों ने उसे छुड़ाने के लिए मार्ग जाम कर दिया। तकरार और विरोध के बाद पुलिस को कार्यकर्ता को छोड़ना पड़ा। भीमगंजमंडी, अनंतपुरा व बसंतविहार में भी शराब के ठेकों को बंद कराने को लेकर विवाद हुआ। सेल्समैन से हाथापाई करने पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बहस हुई। बसंत विहार चौराहे पर एक मिठाई की दुकान को बंद कराने के लिए समर्थकों ने व्यापारी के साथ धक्का-मुक्की की तो,दादाबाड़ी में जनरल स्टोर की दुकान खोले बैठे व्यापारी को उसके मासूम बच्चे के सामने स्टूल उठाकर मारने का प्रयास किया। व्यापारी ने हाथ जोड़कर अपनी जान बचाई।

महापौर को घेरा
बंद समर्थकों ने नगर निगम जाकर महापौर को घेरा और उनसे बंद में साथ देने की मांग की। इनका कहना था कि महापौर भाजपा के होकर भी बंद के दिन कार्यालय में कामकाज रहे हैं। महापौर ने यह कहते हुए बंद समर्थकों को शांत किया कि उनका बंद को पूरा समर्थन है, लेकिन जरूरी कार्य की वजह से आधे घंटे के लिए वे यहां आए हैं। इसके बाद उन्होंने मेला प्रकोष्ठ में बैठकर आवश्यक फाइलों का निबटारा किया।

32 करोड़ का नुकसान

शहर में गुरुवार को रहे बंद से करीब 32 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। अनाज मंडी समिति, थोक एवं रिटेल दुकानों पर बंद का प्रभाव नजर आया, वहीं पेट्रोल पंप चार घंटे बंद रहे, जबकि थोक सब्जीमंडी, दवा की दुकानें एवं आवश्यक सेवाएं बंद से मुक्त रहीं। बंद की घोषणा के बावजूद भामाशाह अनाज मंडी में जिंसों की आवक हुई।

किसानों का कहना था कि हमेशा बंद से पहले कोटा ग्रेन एंड सीड्स मर्चेन्ट् एसोसिएशन की ओर से सूचना जारी होती है, लेकिन इस बार सूचना नहीं होने से वे रात को ही माल लेकर रवाना हो गए। कोटा आने पर पता लगा कि मंडी में नीलामी बंद है।

मंडी समिति गेट पर दर्ज आवक रजिस्टर के मुताबिक से पांच हजार बोरी जिंस की आवक हुई है। दूसरी ओर एसोसिएशन के सचिव अविनाश राठी का कहना था कि मंडी में नीलामी बंद रखने का निर्णय गुरुवार सुबह ही हुआ है। जहां तक आवक का सवाल है, तो किसानों को बंद का पता था, इसलिए मंडी में बहुत कम आवक हुई।

किसान परेशान हुए
सुबह मंडी में जिंस लेकर आए किसानों को दस बजे तक इस बात का पता नहीं था कि नीलामी बंद रहेगी। बाद में पता लगा तो वे मायूस हो गए तथा दिनभर माल के पास बैठकर रखवाली करते रहे।





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