HomeNewsRajasthanUdaipur Udaipur

1 क्लास,1 विषय, 150 विद्यार्थी,सभी फेल

उदयपुर. इसे सुखाड़िया यूनिवर्सिटी का कारनामा कहें या कुछ और एक निजी कामर्स कॉलेज के बीकॉम सेकंड इयर के एक पेपर में सभी छात्र फेल हो गए हैं। इस कक्षा में डेढ़ सौ छात्र हैं। अन्य पेपरों में इन छात्रों ने प्रथम श्रेणी के अंक कालेज प्रबंधन और छात्रों ने रिजल्ट में गड़बड़ी की आशंका जताई है। वे शुक्रवार को इस संबंध में कुलपति राजेश्वरसिंह को ज्ञापन देंगे।

सुखाड़िया यूनिवर्सिटी की ओर से गुरुवार को बीकॉम सैकंड ईयर का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। इस कक्षा में पढ़ने वाले पेसिफिक के छात्रों ने जब सुबह अखबार देखा तो होश फाख्ता हो गए। कक्षा के सभी छात्रों को कंपार्टमेंट मिला। सैकंड ईयर में करीब 150 छात्र अध्ययनरत हैं, जो कंपनी लॉ में फेल हो गए।

छात्रों का कहना है कि यह गले ही नहीं उतरता है कि सभी छात्र फेल हो जाएं। रिजल्ट बनाने में कोई गड़बड़ी हुई है। छात्र महेश गोयल ने कहा कि वह पिछले साल क्लास टॉपर था। इस साल भी सभी पेपर अच्छे रहे। कंपनी लॉ में केवल 11 अंक मिले हैं जबकि उसे कम से कम 75 नंबर मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने बताया कि या तो रिजल्ट बनने में गलती हुई है या फिर कॉपी जांचने में। रोहित शुक्ला का कहना है कि कंपनी लॉ में उसे 50 प्रतिशत अंक की उम्मीद थी। उसका कहना है कि रिजल्ट गलत बना है।

22 से ज्यादा नंबर नहीं
छात्रों ने बताया कि इस विषय में किसी को 4 तो किसी 8 व 11 व किसी 22 अंक मिले हैं। छात्रों ने बताया कि एक दो छात्रों को इस विषय में शून्य अंक भी मिले हैं।

अन्य सभी विषयों में प्रथम श्रेणी के अंक
हमारे कॉलेज में 90 प्रतिशत छात्र-छात्राओं के अन्य सभी विषयों में प्रथम श्रेणी के अंक है। सिर्फ कंपनी लॉ में अधिकांश बच्चे फेल हुए हैं। इससे लगता है कि कंप्यूटर में गड़बड़ी हुई है या संस्थान से दुश्मन निकालने के लिए जानबूझकर ऐसा किया गया है।
राहुल अग्रवाल, सचिव पेसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन

पता चला है कि एक विषय में सैकंड ईयर के सभी छात्र फेल हो गए। लगता है कहीं न कहीं कोई मिस्टेक जरूर रही है, अन्यथा पूरी कक्षा के छात्र एक साथ फेल हो जाए संभव नहीं है।
- एमएस राठौड़, पेसिफिक कॉलेज कर्मचारी (जो कॉलेज में यूनिवर्सिटी से संबंधित काम देखते हैं)

बीकॉम में छह विषय होते हैं। छात्रों को सभी में पास होना पड़ता है। इसमें फस्र्ट, सैकंड पेपर के अंक मिलाए नहीं जाते हैं। यह सिस्टम पिछले साल से लागू हो गया है।

आर्ट्स और साइंस में ऐसा नहीं नियम नहीं है। हो सकता है नए सिस्टम की छात्रों को जानकारी नहीं हो और वाकई उनका रिजल्ट सही नहीं रहा है। केवल एक नहीं बल्कि कई कॉलेजों में कंपार्टमेंट का परसेंटेज बढ़ा है। जहां तक रिजल्ट में गड़बड़ी का सवाल है रिजल्ट की गंभीरता से विभिन्न स्तर पर जांच की जाती है। फिर भी छात्रों को किसी तरह की आशंका है तो उनकी शिकायत के आधार पर जांच की जाएगी।
- प्रो. वेणुगोपालन, रिजल्ट इंचार्ज सुविवि





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड:
 

आपके विचार