उदयपुर. अहमदाबाद-उदयपुर के बीच चलने वाली मीटरगेज की रेलगाड़ियों के साथ दो डीजल इंजन चलेंगे। एक इंजन गाड़ी चलाएगा जबकि दूसरा इंजन ट्रेन से दो किलोमीटर आगे एस्कॉर्ट करेगा।
दो डीजल इंजन मंगाने का मांगपत्र साबरमती लोकोमोटिव यार्ड के अधीक्षक को भेजा गया है। दो-तीन दिन में इंजन आने की संभावना है। एक इंजन हिम्मतनगर से डूंगरपुर के बीच जबकि दूसरा इंजन उदयपुर से डूंगरपुर के बीच अप तथा डाउन गाड़ियों को एस्कॉर्ट करेगा।
कमजोर चट्टानें गिराई : हर साल बारिश के मौसम में रेलवे ट्रैक पर गिरने वाली पहाड़ी चट्टानों से सुरक्षा के लिए कुछ कमजोर चट्टानें पिछले दिनों गिराई गई। जेसीबी मशीनों से चट्टानें ट्रैक पर गिरा दी गई।
अहमदाबाद लाइन पर खारवा चांदा, जावर, जयसमंद, पाडला, सेमारी, ऋषभदेव, डूंगरपुर, रायगढ़ और सनोक का टेकरा में रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ ऊंचे पहाड़ झुके हुए हैं। बरसात में कमजोर चट्टानें मलबे के रूप में ट्रैक पर गिरती हैं जिससे रेल यातायात में बाधा आती है और ट्रैक को क्षति पहुंचती है।
2006 में अधिक वर्षा होने से कई दिन लगातार चट्टानें गिरने पर एक माह तक यात्री गाड़ियों का संचालन रोकना पड़ा था। दस वर्ष पूर्व सनोक का टेकरा से गुजरती अहमदाबाद एक्सप्रेस के इंजन पर सात टन भारी चट्टान गिरने से दबकर ड्रायवर टेकचंद लोहार व सहायक ड्रायवर ओमप्रकाश की मौत हो गई थी।
अहमदाबाद ट्रेनों की सुरक्षा के लिए दो पायलट इंजन की मांग की गई है। ट्रेन के आगे इंजन चलने से ट्रेक पर चट्टान गिरी पड़ी होने का पता चल जाता है जिससे यात्री ट्रेनों की सुरक्षा की जाती है।
- अनुज भार्गव, क्षेत्रीय प्रबंधक