उदयपुर.
दूधतलाई से करणीमाता के बीच आठ जून को शुरू हुई रोप वे सेवा गुरुवार को एकाएक अटक गई। दोपहर करीब 1.50 बजे दो ट्रॉलियां हवा में लटककर रह गई। इनमें कुल 13 लोग सवार थे जिनमें से एक परिवार के छह लोग शामिल थे। पूरे 47 मिनट बाद इन ट्रॉलियों को सुरक्षित उतार लिया गया। कारण- लोअर साइड में तकनीकी फाल्ट से रोप व्हील से उतर गई थीं।
सांसों का जाम : पूरे पौन घंटे तक ट्रॉली में सवार कुछ लोगों की सांसें ऊपर-नीचे होती रहीं। संयोग से एक ट्रॉली में पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर जीएस टांक परिवार सहित सवार थे। तकनीकी जानकारी होने के कारण टांक घबनाए नहीं और उन्होंने सवार लोगों को भी हौसला बंधाया।
फिर भी ‘गंभीर’ विषय नहीं : रोपवे के एमडी कैलाश खंडेलवाल का कहना है कि रोप व्हील से उतर गई लेकिन यह गंभीर विषय नहीं है। रोप उतरते ही ऑटोमेटिक सिस्टम बंद हो गया। यह बड़ा फेल्योर नहीं है। भविष्य में ऐसा न हो, इसकी कोशिश की जाएगी।