जालंधर. सिविल अस्पताल में एमआर व अकाली नेता के बीच विवाद के बाद खूब हंगामा हुआ। एमआर मानवजीत सिंह ने अकाली नेता परमप्रीत सिंह विट्टी पर मारपीट करने व बाद में अपने साथी को खुद ही घायल कर सिविल अस्पताल में भर्ती करवाने का आरोप लगाया है। मानवजीत जब अस्पताल एमएलआर कटवाने आया तो अकाली नेताओं ने हंगामा कर दिया। पुलिस उल्टा उसे गिरफ्तार कर थाने ले गई।
एसएचओ निर्मल सिंह का कहना है कि मिलाप चौक के पास मानवजीत ने अमरजीत सिंह को पीटा है। पुलिस ने मारपीट के केस में मानवजीत कोल काबू कर लिया। लेकिन पुलिस जांच चल रही है। विट्टी ने कहा कि विवाद से उसका कोई नाता नहीं और उस पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए है। घटनाक्रम से मरीजों को काफी परेशानी हुई।
अस्पताल से शुरू हुआ था विवाद: ग्रीन पार्क निवासी मानवजीत ने कहा कि वह सिपला कंपनी में टैरेटरी मैनेजर है। वह दोपहर मैनेजर कुष ढींगरा के साथ सैक्रेड हार्ट अस्पताल में गए थे। वहां अकाली नेता व एमआर अमरजीत सिंह डॉक्टर को मिलने के लिए आया।
अमरजीत ने डॉक्टर से मिलने के लिए रोका और विवाद करने लगा। अमरजीत ने फोन कर अकाली नेता विट्टी को बुलाया और धावा बोल दिया। किसी तरह भाग कर जान बचाई। मानवजीत ने कहा कि वह सिविल अस्पताल आया तो पहले से ही विट्टी समर्थक वहां मौजूद थे। डर से वह अस्पताल नहीं गया और एक क्लीनिक से फस्र्ट एड ली। जब उसे पता चला कि अमरजीत खुद घायल होकर सिविल अस्पताल में दाखिल हो गया है।
खुद चोट लगाकर दाखिल हुआ मानवजीत: अजीत नगर निवासी अमरजीत ने बताया कि वह उक्त अस्पताल में वह के डॉक्टर से मिलने गया था, जहां मानवजीत ने डॉक्टर से पहले मिलने को लेकर विवाद किया। उस वक्त तो मामला शांत हो गया, लेकिन जब वह अपने मोटरसाइकिल से मिलाप चौक की तरफ जा रहा था तो मानवजीत ने साथियों सहित उसे घेर लिया और उस पर हमला बोल दिया।
उसने कहा कि उल्टा मानवजीत अस्पताल नकली चोट लगाकर इलाज के लिए आया था। मानवजीत की मानें तो विवाद सैक्रेड हार्ट अस्पताल के बाहर हुआ था और अमरजीत की मानें तो विवाद मिलाप चौक के पास हुआ। दोनों के बयान में कितनी सच्चई है यह पुलिस जांच के बाद ही साफ होगा। फिल्हाल थाना-4 पुलिस ने मानवजीत को हिरासत में लिया है।
एसएचओ निर्मल सिंह ने कहा कि मानवजीत की शिकायत थाना मकसूदां में ली जाएगी, क्योंकि उसके अनुसार विवाद मकसूदां थाने की सीमा में हुआ था। सिविल अस्पताल में उस समय जमकर हंगामा हुआ, जब मानवजीत एमएलआर कटवाने के लिए आया। अमरजीत के समर्थन में आए विट्टी, अमरजीत अमरी, चरणजीत लाली अन्यों ने डॉक्टर के साथ जमकर बहसबाजी की। इससे पौने घंटे तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।