जालंधर. जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से अमरनाथ श्राइन बोर्ड को अलाट की गई जमीन वापल लेने के मामले पर श्री देवी तालाब मंदिर प्रबंधक कमेटी ने रोष प्रकट किया है। कमेटी सदस्यों ने कहा कि हिन्दुओं के साथ सरकार भेदभाव कर रही है। कमेटी के प्रधान शीतल विज ने कहा कि श्री अमरनाथ की यात्रा को सरल बनाने के मद्देनजर श्राइन बोर्ड को 38.98 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी, लेकिन सरकार ने अलगाववादियों के समक्ष घुटने टेकते हुए फैसले को रद्द कर हिन्दुओं के साथ सौतेला व्यवहार किया है।
उन्होंने कहा कि यह सब सरकार की साजिश है, क्योंकि सरकार ने इससे पहले राज्यपाल को पत्र लिखने के लिए विवश किया था कि श्राइन बोर्ड को भूमि की आवश्यकता नहीं है। विज ने कहा कि सरकार मुसलमानों के लिए हज यात्रा का प्रबंध करती है, लेकिन अमरनाथ जाने वालों को कोई सुविधा मुहैया नहीं करवाती है। हिन्दू समाज ने कभी विरोध नहीं जताया कि मुस्लिम समुदाय को हज यात्रा के लिए सुविधा क्यों प्रदान की जाती है? क्योंकि सभी धर्म एक समान हैं।
फिर मुस्लिम समुदाय हिन्दू यात्रियों को मिलने वाली जमीन सुविधा का क्यों विरोध कर रहे हैं? यह सब मात्र वोट बैंक की राजनीति के कारण पीडीपी, नैशनल कांफ्रैंस और हुर्रियत कांफ्रैंस ने इसका विरोध किया, जबकि श्राइन बोर्ड को जमीन देने वाला भी पीडीपी का मंत्री था।
उस वक्त कैबिनेट की बैठक में इसका विरोध किसी ने नहीं किया। पीडीपी और हुर्रियत ने कांफ्रैंस ने मात्र मुस्लिम वोट बैंक के लिए हिन्दुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। मंदिर प्रबंधक कमेटी ने विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल द्वारा भारत बंद करने का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से हिन्दुओं के अधिकारों की रक्षा और रद्द की गई जमीन को दोबारा देने की मांग की है।