कराची.
एशिया कप में वीरवार को श्रीलंका के खिलाफ भारत की छह विकेट से जीत को संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है। पाकिस्तान में इस बात को लेकर शोर मचा है कि मेजबान देश को बाहर करने के लिए मैच फिक्स किया गया था। ध्यान रहे कि अगर इंडिया यह मैच हार जाता तो फाइनल में श्रीलंका की भिड़ंत पाकिस्तानी टीम से होती।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब टीवी पर कमेंट्री कर रहे रमीज राजा और वकार यूनुस ने कहा कि श्रीलंका ने मैच ‘थ्रो’ कर दिया है। मैच हारने के बाद श्रीलंकाई कप्तान जयवर्धने की उस टिप्पणी ने आग में घी का काम किया जिसमें उन्होंने कहा था, ‘चलो अच्छा हुआ, फाइनल में घरेलू दर्शकों का सामना नहीं करना पड़ेगा।’
भारत से हार के बाद जयवर्धने का कहना था कि फाइनल में पाकिस्तान की तुलना में भारत को हराना ज्यादा आसान है। पाक टीम अपने घरेलू दर्शकों के सामने फाइनल में बड़ा खतरा साबित हो सकती थी। यह हमारे और भारत, दोनों के लिए अच्छा है कि दर्शकों के समर्थन के बारे में हमें नहीं सोचना है।
हो सकती है श्रीलंका की रणनीति :
इस हार के बाद कहा जा सकता है कि शायद श्रीलंका फाइनल में पाकिस्तान का सामना नहीं करना चाहता हो। फाइनल में पाक टीम को घरेलू दर्शकों के समर्थन का फायदा मिल सकता था। ऐसे में श्रीलंकाई टीम ने सोची-समझी रणनीति के तहत मैच हारा हो लेकिन इसकी जानकारी टीम इंडिया को न हो। यदि ऐसा हुआ है तो यह मैच फिक्स की श्रेणी में नहीं आएगा। फुटबॉल व हॉकी में ऐसा अक्सर होता है। हां, इसे खेल भावना के विपरीत माना जाना चाहिए।
टीम इंडिया पर शक की वजह नहीं :
टीम इंडिया ने कई मौकों पर बड़ी चुनौतियों का करारा जवाब दिया है। सहवाग-गंभीर लगातार अच्छा खेल रहे हैं। तीसरे क्रम पर सुरेश रैना अब तक दो शतक और दो अर्धशतक लगा चुके हैं। टूर्नामेंट में धोनी और युवराज के बल्ले से भी रन निकल रहे हैं। ऐसे में जब टीम के बल्लेबाज फार्म में हों तो रन बनने ही थे।
बीसीसीआई ने किया खारिज
बीसीसीआई के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी ने मैच फिक्स संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टीवी कमेंट्रेटरों की तो आदत ही कुछ न कुछ कहने की होती है। इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
आईसीसी की कड़ी निगाह
>> आईसीसी के खुफिया कैमरे न केवल खिलाड़ियों बल्कि अन्य लोगों पर भी निगाह रखते हैं। अकेले ड्रेसिंग रूम में ही 10 से 15 खुफिया कैमरे लगे होते हैं।
>> मैच के दौरान आईसीसी के जासूस चारों ओर फैले हुए रहते हैं।
>> मैच से पहले प्लेयर्स को मोबाइल फोन जमा करवाने पड़ते हैं।
जयवर्धने को देखकर ऐसा नहीं लगा कि वह अपनी टीम को जीतते देखना चाहते हैं। वह अपने गेंदबाजों को सलाह देने में ज्यादा रुचि नहीं ले रहे थे।
-वकार यूनुस
दो जीवनदान पा चुके जयसूर्या बढ़िया खेलते-खेलते अचानक आउट हो गए। ऐसा लगा जैसे उन्होंने अपना विकेट थ्रो किया है। पूरी श्रीलंकाई टीम ही जीत के मूड में नहीं दिख रही थी।
-रमीज राजा