नई दिल्ली. जैसे-जैसे खाद्यान्न व क्रूड की कीमतें बढ़ रही हैं, भारत समेत विश्व के तमाम देशों में राजनीतिक व आर्थिक अस्थिरता बढ़ती जा रही है। इससे निपटने के लिए जी८ के सदस्य देश जापान में अगले सप्ताह होने वाली समूह की बैठक में महंगाई रोकने के उपायों पर चर्चा करने वाले हैं।
इधर, भारत में महंगाई फिर 13 वर्षो का सर्वोच्च शिखर पर पहुंच गई है, जिससे रिजर्व बैंक पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है। फलों, सब्जियों, अनाज व विनिर्मित उत्पादों की ऊंची कीमतों ने देश में 21 जून को समाप्त सप्ताह के दौरान मुद्रास्फीति को ११.६३ फीसदी पर पहुंचा दिया है। पिछले सप्ताह यह 11.42 फीसदी थी, जबकि गत वर्ष समान अवधि में यह महज 4.32फीसदी दर्ज की गई थी।
संशोधित आंकड़ों में बढ़ी महंगाई : 26 अप्रैल को समाप्त सप्ताह के संशोधित आंकड़ों में मुद्रास्फीति 8.27फीसदी निकलकर आई है। पहले जारी आंकड़ों में यह 7.61दर्शाई थी।
दवाएं व साड़िया भी महंगी : बढ़ती मुद्रास्फीति के दबाव में दवाएं व साड़ियां तक महंगी हो चली हैं। २१ जून को समाप्त सप्ताह में दवाएं, साड़ी, धोती, साइकिल, सेल, स्विच आदि की कीमतों में एक से दस फीसदी तक इजाफा देखने को मिला।
चुप नहीं बैठी सरकार :
>> सरकार ने आयरन व स्टील निर्माताओं को उत्पादों की कीमतें १क् फीसदी तक कम करने को कहा। मक्के के निर्यात पर १५ अक्टूबर तक रोक लगाई।
>> रिजर्व बैंक गवर्नर वाई.वी. रेड्डी ने कहा कि देश में मुद्रास्फीति पर निशाना साधने के मामले में पर्याप्त सहमति नहीं है।
रिजर्व बैंक ने पिछले माह ब्याज दरों में 0.75फीसदी की वृद्धि की, जिससे वे छह वर्ष के सर्वाधिक स्तर पर पहुंच गईं।
>>जी-8 में शामिल देश :
यह विश्व के आठ सबसे धनी व शक्तिशाली देशों का समूह है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, इटली, जापान और रूस शामिल हैं। इनकी अगली बैठक ७-९ जुलाई को जापान में होनी है।
>> 11.63फीसदी पर जा पहुंची मुद्रास्फीति की दर 21 जून को समाप्त सप्ताह में।
>> 11.42 फीसदी पर थी मुद्रास्फीति 14 जून को समाप्त सप्ताह में।
>> 13-14 फीसदी पर कुछ सप्ताह में पहुंचने के अनुमान।
महंगाई बनी वैश्विक समस्या।
>> क्रूड व खाद्यान्न की बढ़ती कीमतों से दुनियाभर में राजनीतिक अस्थिरता का दौर।
>> जिंबाब्वे सबसे ज्यादा त्रस्त देश, (मुद्रास्फीति दर 1 लाख फीसदी)।
>> भारत में कीमतों का बढ़ना जारी।
किसने क्या कहा
शीर्ष बैंक अगले तीन माह में रेपो दर व सीआरआर में कुल 1 फीसदी की वृद्धि कर सकता है।
गोल्डमैन साक्स, वैश्विक निवेश बैंक
रेपो दर में 0.25 फीसदी व सीआरआर में आधा फीसदी की वृद्धि के आसार हैं। क्रूड में तेजी से महंगाई और बढ़ेगी। ट्रकों की हड़ताल का खास असर नहीं होगा।
-डी.के. जोशी, प्रमुख अर्थशास्त्री, क्रिसिल
दर में वृद्धि फिलहाल जारी रहेगी। अगले माह तक यह 12 फीसदी का आंकड़ा छू लेगी।
सौगता भट्टाचार्य, उपाध्यक्ष ऐक्सिस बैंक
महंगाई के कारण लागत बढ़ जाने से निर्माताओं पर उत्पाद की कीमतें बढ़ाने का जबरदस्त दबाव है।
-सोनल वर्मा, अर्थशास्त्री लेहमैन ब्रदर्स
सीआरआर व रेपो दर वृद्धि का असर सामने आने में समय लगेगा। अक्टूबर तक मुद्रास्फीति दर 14 फीसदी पहुंच सकती है।
रुपा रेगे नितश्योर, मुख्य अर्थशास्त्री, बैंक आफ बड़ौदा
‘29 जुलाई को मौद्रिक नीति की समीक्षा से पहले ही मुद्रास्फीति १२ फीसदी का आंकड़ा पार कर सकती है।’
ए प्रसन्ना, अर्थशास्त्री, आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज
‘वैश्विक समस्याओं पर आमराय बनना जरूरी है, लेकिन केवल वार्ता से ही समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए कच्चे तेल की कीमतों को स्थिर करने की दिशा में गंभीर प्रयास करने होंगे।’
-अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ