सवाई माधोपुर/पढ़ाना. स्कूलों में बच्चों का सर्वांगीण विकास तब तक नहीं किया जा सकता है, जब तक कि उसमें शिक्षण के लिए ऑडियो-विज्युअल सामग्री का उपयोग समय-समय पर नहीं हो।
बच्चों में भावनात्मक, मानसिक, शारीरिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास के लिए इस शिक्षण सामग्री का उपयोग होना जरूरी है, लेकिन सरकार और विभाग द्वारा बच्चों के लिए इन सुविधाओं के मुहैया करवाए जाने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आज भी जिले के 26 स्कूल ऐसे हैं जिनमें बिजली की कोई व्यवस्था ही नहीं है।
डीपीईपी विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि कंप्यूटर के माध्यम से श्रव्य-दृश्य सामग्री का उपयोग केवल उन्हीं स्कूलों में किया जाता हैं, जो स्कूल विद्युतीकृत है। ऐसे में जो स्कूल विद्युतीकृत नहीं है उनमें आडियो-विज्युअल सामग्री का उपयोग नहीं होने से कई बच्चों को तो इसका लाभ ही मिल पाता है।
ऑडियो-विज्युअल सामग्री का उपयोग कर बच्चों को विज्ञान, गणित, स्वास्थ्य आदि शिक्षा के बारे में बताया जाता है, जिनके प्रति बच्चों का शिक्षा के प्रति रुझान बना रहता है, लेकिन जिन स्कूलों में बिजली की व्यवस्था ही नहीं है, उन स्कूलों के बच्चों को इस शिक्षण सामग्री के उपयोग से वंचित रहना पड़ रहा है।
हालांकि डीपीईपी यह दावा कर रहा है कि विद्युतीकृत स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए कंप्यूटर सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। बच्चों में शिक्षा का विकास, ध्यान की एकाग्रता और उनकी ज्ञानेंद्रियों को जागरूक बनाए रखने के लिए समय-समय पर इस शिक्षण सामग्री का उपयोग होना जरूरी है।
किन-किन स्कूलों में नहीं बिजली
सवाई माधोपुर. बाउप्रावि शिवाजी नगर, राउप्रावि नं. 4, राप्रावि नं. 5, राप्रावि हरिजन बस्ती शहर, राप्रावि मानटाउन, राउप्रावि खैरदा, राउप्रावि कुतलपुरा जाटान, राबाउप्रावि सारसोप, राप्रावि भगवतगढ़।
बौंली. राउप्रावि बा. बौंली, प्रावि खिरनी, राउप्रावि ढाणी खिरनी, राउप्रावि सांगरवासा, राउप्रावि सैनीपुरा, राउप्रावि बा. पीपलदा, राउप्रावि बा. मित्रपुरा, राउप्रावि धौराला।
खंडार. राउप्रावि बहरावंडाकलां, राउप्रावि कारोली ताराचंद, राउप्रावि बागड़दा, राउप्रावि बालेर, राउप्रावि बहरावंडा खुर्द, राउप्रावि बा. लहसोड़ा, राउप्रावि फलौदी, राउप्रावि बड़ौद, राउप्रावि अनियाला, राउप्रावि ओंडमीना।
गंगापुर. राउप्रावि बैरवा बस्ती उदेई कलां, राउप्रावि खेड़ली, राउप्रावि छाण, राउप्रावि छाण, राउप्रावि मठ रायपुर, राउप्रावि बा. मोहचा, राउप्रावि खेड़ाबाढ़ रामगढ़।
बच्चों में किट को देखने का उत्साह
डीपीईपी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बालिकाओं में शिक्षा के प्रति रूझान बढ़ाने के लिए श्रव्य-दृश्य सामग्री के रूप में इस बार मीना किट पुस्तक पर आधारित सीडी तैयार गई है। विभाग द्वारा मीना किट पुस्तकें स्कूलों में भेजने के बाद बच्चों में कंप्यूटर के माध्यम से इसे देखने का बड़ा उत्साह बना हुआ है। इस सीडी से संबंधित क्षेत्र में नवीन प्रवेश, अनामांकित, ड्राप आउट बच्चों को स्कूलों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
जिन स्कूलों में बिजली की व्यवस्था नहीं है, उनमें बैटरी संचालित उपकरणों का उपयोग कर ऑडियो-विज्युअल सामग्री का उपयोग किया जाएगा। अभी मीना किट पर आधारित सीडी तैयार की है जिसे स्कूलों में भेज दी गई है। सभी बच्चों को कंप्यूटर द्वारा इस शिक्षण सामग्री से लाभान्वित किया जाएगा।
—जुगलबिहारी शर्मा, एडीपीसी, डीपीईपी