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बोड़सरा की जमीन सरकार खरीदेगी

रायपुर. land सतनामी समाज के गुरु बालदास की कर्मभूमि बताई जा रही बोड़सरा बाड़ा की विवादित जमीन का सरकार अनिवार्य अधिग्रहण करने जा रही है। कलेक्टर बिलासपुर ने शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। माना जा रहा है कि सरकार सतनामी समाज की नाराजगी दूर करने की कोशिश कर रही है।

बोड़सरा बाड़ा 0.69 एकड़ में है। इसमें से करीब 0.06 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की अधिसूचना जारी हुई है। सरकार की योजना के अनुसार विवादित जमीन को सतनामी समाज के धर्मस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। वहां पर पर्यटन बोर्ड सौंदर्यीकरण करेगा। इसके लिए बोर्ड ने बाकायदा बिलासपुर जिला कलेक्टर के पास राशि भी जमा करा दी है। 2 लाख 50 हजार रुपए भू-अर्जन के लिए और पांच लाख रुपए सौंदर्यीकरण के लिए जमा किए गए हैं।

गौरतलब है, बोड़सरा बाड़ा की विवादित जमीन को लेकर पिछले कई महीने से बवाल मचा हुआ है। जमीन में पूजा-अर्चना कर माहौल बिगाड़ने और फिर बलवा की वजह से पुलिस ने गुरु बालदास को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया है। फिलहाल वे कोरबा जेल में हैं। उनकी रिहाई के लिए समाज के लोग आंदोलन कर रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं ने इस आंदोलन में कूदकर राजनीतिक लाभ लेने के लिए सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई है। कांग्रेस की तैयारियों को देखते हुए रमन सरकार ने इस मामले में यू टर्न लिया। वैसे इस जमीन का मामला बिलासपुर हाईकोर्ट में लंबित है। हाईकोर्ट के स्टे के बाद से सरकार किसी तरह का निर्णय नहीं कर पा रही थी। हाईकोर्ट ने अब तक इस मामले में कोई फैसला नहीं सुनाया है। फिर भी सरकार ने अनिवार्य अधिग्रहण का फैसला किया है।

मुआवजा दिया जाएगा : बोड़सरा की जिस जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, उसके मालिक वाजपेयी परिवार को सरकार मुआवजा देगी। मुआवजे की रकम अभी तय नहीं की गई है।

जमीन सरकार के पास रहेगी : कलेक्टर
बिलासपुर कलेक्टर सुबोध सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय की अवहेलना नहीं हो रही है। हाईकोर्ट ने निजी संपत्ति पर बलात कब्जा करने से किसी को रोकने कहा है। सरकार उस जमीन को लेकर किसी और को मालिकाना हक नहीं दे रही है। वह जमीन सरकार के कब्जे में ही रहेगी।

आज छत्तीसगढ़ बंद
रायपुर. बोड़सरा बाड़ा मामले में सतनामी समाज ने शनिवार को छत्तीसगढ़ बंद का आव्हान किया है। बंद को कांग्रेस समेत सर्वसमाज का समर्थन हासिल है। समाज की प्रमुख मांगों में बोड़सरा बाड़ा सौंपने, गुरु बालदास की रिहाई आदि हैं। बंद के आव्हान के मद्देनजर प्रशासन शुक्रवार रात तक तैयारी में जुटा रहा।

न्यायसम्मत लड़ाई लड़ेंगे: निरुपमा
वाजपेयी परिवार की सदस्य निरुपमा वाजपेयी का कहना है कि उन्हें या उनके परिवार के किसी भी सदस्य को जमीन अधिग्रहण की कोई सूचना नहीं दी गई है। यह अधिग्रहण का कोई तरीका नहीं है कि एक घर के दो कमरों में परिवार रहे और दो कमरों को पर्यटन स्थल बना दिया जाए। शासन के इस मनमाने फैसले के खिलाफ हम न्यायसम्मत हरसंभव लड़ाई लड़ेंगे।





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