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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
शहर के कई मंदिरों से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की सवारी शुक्रवार को धूमधाम से निकली। श्रद्धालुओं का जनसमूह पुण्य लाभ लेने उमड़ पड़ा। भक्तों में भगवान की मूर्तियों को छूने जमकर प्रतिस्पर्धा होती रही। पुरानीबस्ती, गायत्रीनगर समेत तमाम मंदिरों से निकली यात्राओं में देर शाम तक भक्त रमे रहे।
‘जय जगन्नाथ- जय महाप्रभु’ की जयघोष के साथ पुरानीबस्ती टूरी हटरी स्थित मंदिर से दोपहर यात्रा शुरू हुई। पुरानीबस्ती, कंकालीपारा, सत्तीबाजार, सदर, कोतवाली, जयस्तंभ चौक पर भक्तों का रेला उमड़ा रहा। लोग प्रभु के दर्शन और रथ की रस्सी खींचने उतावले नजर आए।
राज्यपाल ने की रस्म अदायगी : गायत्रीनगर स्थित सबसे बड़े जगन्नाथ मंदिर में शाम को रथयात्रा निकली। राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने जगन्नाथ मंदिर में प्रथम सेवक के रूप में सोने की झाड़ू से बुहारकर पुण्यलाभ लिया। राज्यपाल दोपहर 1.50 पर सपत्निक मंदिर पहुंचे। हवन में आहुति देने के बाद आरती में भाग लिया। इसके बाद छेरा पहरा का कार्यक्रम शुरू हुआ। फिर मंदिर से एक के बाद एक भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र के प्रतीक को रथ में विराजा गया और फिर महाप्रभु के जयकारे के बीच रथयात्रा निकली।
मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा ने बताया कि भगवान की सवारी को देर शाम तक बीटीआई ग्राउंड में दर्शनार्थ रखा गया। इस दौरान श्री नरसिम्हन ने मंदिर में स्थित आनंदबाजार भोगशाला का फीता काटकर उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर अतिथिगण राजस्वमंत्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद करुणा शुक्ला, बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रशेखर साहू आदि मौजूद थे।
सदरबाजार में रही धूम : सदरबाजार स्थित जगन्नाथ मंदिर से शाम 4 बजे रथयात्रा रवाना हुई। मालवीय रोड, जयस्तंभचौक, शारदा चौक से यह जनकपुर बाड़ा में समाप्त हुई। समिति के मुकेशप्रकाश पुजारी ने बताया कि सुबह से पूजा अर्चना के बाद दोपहर 12 बजे से हवन शुरू हुआ। इसके बाद भगवान के जयकारे के बीच यात्रा निकाली गई।
आमापारा से निकली पहली बार यात्रा : आमापारा नगरनिगम कालोनी स्थित राधाकृष्ण मंदिर में जगन्नाथपुरी से आए चार पंडितों ने पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद मुख्य अतिथि पंकज शर्मा मौजूदगी में दोपहर 2.30 बजे रथयात्रा रवाना हुई। अतिथिगण महिला कांग्रेस कमेटी संगठन सचिव रागिनी देवी सोनी, पार्षद प्रमोद दुबे, मनोज वर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे। रथयात्रा जयस्तंभ चौक से वापिस फूलचौक, आश्रम चौक से लाखेनगर पहुंचा। वहां सारथीचौक स्थित मंगलाकाली मंदिर में भगवान को ठहराया गया।
निजी रूप से भी निकली सवारी : सदरबाजार, टिकरापारा, बांसटाल, गुढ़ियारी, आमापारा, टूरीहटरी सहित विभिन्न लोगों ने व्यक्तिगत रूप से भी यात्रा निकाली। लिलीचौक पुरानी बस्ती से जोशी परिवार ने यात्रा निकाली। जयस्तंभ चौक से होकर यह वापस पुरानीबस्ती पहुंची। जहां भगवान को खजांची परिवार के यहां रखा गया। लिलीचौक से चक्रधर परिवार की यात्रा जयस्तंभ चौक से शारदाचौक, एमजी रोड होते हुए प्रभात टाकीज तक गई। इसी क्षेत्र से पंडित परिवार ने भी यात्रा निकाली। आमापारा मंगलबाजार से कहार परिवार की यात्रा जयस्तंभ चौक से घूमकर वापस आमापारा लौटी।
जयस्तंभ पर छाया सुरूर : जयस्तंभ चौक पर शाम 6 बजे से उत्साह छलकने लगा। मालवीय रोड, शारदा चौक की ओर से आ रही प्रभु की सवारी की झलक और महाप्रसाद पाने लोग बेकाबू हो रहे थे। उत्कल नवयुवक संघ, महिला जागृति मंच, उत्कल युवा ब्रिगेड आदि के मंच से रथयात्रा पर जोरदार पुष्पवर्षा की जा रही थी। आर्केस्ट्रा की स्वरलहरियां चारों तरफ गुंजायमान थीं। उड़िया गीतों से पूरा क्षेत्र झूम रहा था।
आउटर से उमड़े श्रद्धालु : आउटर के गांवों से भारी तादाद में ग्रामीण भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए उमड़े। चंगोराभाठा, खम्हारडीह, आमासिवनी, सेजबहार सहित अनेक गांवों से लोग दोपहर से ही राजधानी पहुंचने लगे थे। शाम होते-होते शहर में मेले जैसा माहौल बन गया था। बच्चों-महिलाओं के साथ पहुंचे ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था। जयस्तंभ से लेकर कोतवाली थाना क्षेत्र, सदरबाजार, पुरानी बस्ती, शारदा चौक तक वे घूमते रहे।
जलपान की भी व्यवस्था : पुरानीबस्ती में मंगल होटल के पास श्रद्घालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था थी। यहां शरबत-पानी और प्रसाद बांटे गए। कोतवाली थाने के पास भारतीय जनता पार्टी ने स्टाल लगाया था। यहां रथयात्रियों और भक्तों को पेयजल बांटे गए।
छग प्रदेश उत्कल कांग्रेस ने मालवीय रोड में शर्मा कांप्लेक्स के सामने स्टाल लगाया था। पीसीसी महामंत्री रमेश वल्र्यानी के साथ प्रदेश अध्यक्ष हरिबंधु नायक ने यहां प्रसाद बांटे, पुष्पवर्षा की। शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष इंदरचंद धाड़ीवाल के नेतृत्व में कांग्रेसी किरण बिल्डिंग के बगल में श्रद्धालुओं को प्रसाद बांट रहे थे। बढ़ते कदम ने रात में जयस्तंभ चौक के पास भोजन की व्यवस्था की थी