नई दिल्ली. अनिल अंबानी समूह ने शेयर बाजार की नियामक सेबी से आग्रह किया है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयरों में भारी गिरावट की जांच होनी चाहिए। एडीए समूह का कहना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ही आरकाम और एमटीएन की सौदेबाजी में बाधा डाल रही है।
अनिल अंबानी समूह ने सेबी को पत्र लिखकर कहा है कि आरकाम के शेयरों में गिरावट की जांच होनी चाहिए। यह शेयर गिरता हुआ 52 सप्ताह के न्यूनतम स्तर 381.05 रुपए पर जा पहुंचा है।
सूत्रों के मुताबिक एडीए समूह ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर यह आरोप भी लगाया है कि वह एमटीएन के साथ उसकी बातचीत को पटरी से उतारने के भरसक प्रयास कर रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 12 जनवरी 2006 के समझौते में शामिल प्रस्ताव का हवाला देते हुए आरकाम को आपसी चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। पहले भी रिलायंस ने हिस्सेदारी बेचने के मामले में पहले इंकार के अधिकार संबंधी पत्र लिखा था।
अंबानी बंधुओं के विवाद के बाद से आरकाम के शेयरों में लगातार गिरावट आई है। एडीए समूह की कंपनियों के शेयर पिछले तीन महीने से गिर रहे हैं। रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर की कीमतें एमटीएन से बातचीत शुरू होने के बाद 48.84 फीसदी तक गिर चुकी हैं।
आरकाम के शेयरों में शुक्रवार को 3.47 फीसदी सुधार आया। रिलायंस कैपिटल, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, आरएनआरएल, रिलायंस पावर और एडलैब्स के शेयर भी मुनाफे में चल रहे थे। आरकाम और एमटीएन के बातचीत की अवधि बढ़ाने की संभावना है। यह 45 दिन तय थी, लेकिन अब 2-3 सप्ताह इसमें जोड़े जा सकते हैं। उधर एमटीएन के शेयर भी तीन महीने के निचले स्तर पर आ गए हैं।