HomeNewsChhattisgarhBilaspur Bilaspur

गरीबी के भंवर में फंसा नवा अंजोर

पेंड्रा. उक्त परियोजना के अधिकारियों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। पेंड्रा विकासखंड में छग ग्रामीण गरीबी उन्मूलन परियोजना नवा अंजोर चलाया जा रहा है।

इस परियोजना के तहत स्वरोजगार या ट्यूबवेल आदि के लिए पांच-पांच लोगों का समूह गठित कर प्रति परिवार तीस हजार रुपए की दर से अधिकतम डेढ़ लाख रुपए का अनुदान देने का प्रावधान है। राशि चूंकि पूरी तरह से सौ प्रतिशत अनुदान की राशि है इसलिए इसे पटाने का कोई प्रावधान नहीं है। उक्त परियोजना से लगभग 50 समूहों के द्वारा प्रथम किश्त की राशि 6 माह पूर्व प्राप्त कर अपनी भूमि में ट्यूबवेल उत्खनन कराया गया था।

परंतु द्वितीय किश्त के अभाव में मशीन नहीं खरीद पा रहे हैं, और बोआई सीजन में उन्हें सिंचाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बरसात के कारण ट्यूबवेल में कीचड़ भरने की संभावना है। इसे साफ कराने में अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ेगी। उक्त परियोजना में जितने भी अधिकारी कार्यरत हैं।

बजट के अभाव में उन्हें भी चार माह से वेतन नहीं मिला है। विश्व बैंक का उपरोक्त महत्वाकांक्षी परियोजना में यदि किसी तरह से बजट का अभाव बना रहेगा तो गरीबी उन्मूलन उपरोक्त परियोजना नवा अंजोर अंधकारमय हो जाएगा।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: