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हाईटेक सटोरिया गिरफ्तार

बिलासपुर. glabller क्राइम ब्रांच ने अहम सफलता प्राप्त करते हुए गुरुवार देर रात हाईटेक सटोरिए को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से क्रिकेट मैच पर लगाए गए करोड़ों रुपए की सट्टा-पट्टी और आनलाइन सट्टा खिलाने के लिए प्रयोग किए जाने वाले 11 लाख रुपए से अधिक के डन कार्ड बरामद किए गए।

पूछताछ के बाद मामले में और भी सटोरियों के नाम सामने आने की संभावना है। फिलहाल पुलिस उसे गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।

एसपी प्रदीप गुप्ता को मुखबिर से सूचना मिली कि गुरुवार को एशिया कप कप क्रिकेट टूर्नामेंट के तहत भारत और श्रीलंका के बीच चल रहे क्रिकेट मैच में शहर से भी बड़े पैमाने पर सट्टा लगाया जा रहा है। उन्होंने क्राइम ब्रांच को इस पर नजर रखने के निर्देश दिए। इस पर क्राइम ब्रांच की टीम ने पतासाजी शुरू की। उन्हें सूचना मिली कि शनिचरी बाजार, मछली मार्केट के पीछे रहने वाला मोहम्मद रफीक घर में सट्टा खिला रहा है। इस पर टीम ने वहां दबिश दी। वहां पर रफीक टीवी पर मैच देखते हुए फोन से सट्टा लगा रहा था। वह सट्टे की रकम एक लैपटाप में दर्ज करता जा रहा था।

लैपटाप की जांच करने पर आईपीएल समेत पिछले दिनों हुई कई क्रिकेट स्पर्धाओं पर लगाए गए सट्टे का ब्योरा मिला। उसके पास आनलाइन सट्टा खिलाने के लिए उपयोग किए जाने वाले डन कार्ड भी बड़े पैमाने पर मिले। इन कार्डस के सहारे वह आनलाइन ही सट्टा खिलाता था। उसके पास से 11 लाख, 28 हजार रुपए के डन कार्ड बरामद किए गए।

उसके पास से डन कार्ड के साथ लैपटाप, एक रंगीन टीवी, डिश टीवी सेट टाप बाक्स, 1 मोबाइल फोन, 3 लैंडलाइन फोन, मैच के दौरान लिखाए गए सट्टे की प्रिंटेड कापी, इंटरनेट कार्ड व 4230 रुपए नगद जब्त कर लिया। उसके खिलाफ जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।

एसपी श्री गुप्ता ने इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। इसमें एसआई प्रभाकर तिवारी, एएसआई मुरलीधर जायसवाल, रमेश शर्मा, प्रधान आरक्षक विजय श्रीवास्तव, आरक्षक हेमंत सिंह, बलबीर सिंह, जितेश सिंह, अशोक कश्यप, जय साहू, शोभित कैवत्र्य, चंद्रपाल खाण्डे शामिल थे।

करोड़ों के कारोबार का भंडाफोड़ : रफीक को गिरफ्तार कर क्राइम ब्रांच ने एसपी को जानकारी दी। एसपी श्री गुप्ता ने आरोपी से पूछताछ की। इसमें उसने बताया कि वह पिछले दो साल से डन कार्ड के सहारे सट्टा खिला रहा है। वह क्रिकेट मैचों में भी सट्टा लगाता है।

प्रत्येक मैच में लगाए गए सट्टे का ब्योरा उसने बकायदा लैपटाप में रखा है। साथ ही उसकी प्रिंटेड हार्ड कापी भी रखी थी। आईपीएल के दौरान उसने दो करोड़ रुपए से अधिक एवं गुरुवार को हुए भारत-श्रीलंका मैच में ही एक लाख, पैंसठ हजार रुपए का सट्टा लगाया था। पूछताछ में सट्टे की रकम और भी बढ़ने की संभावना है।

नागपुर से जुड़े हैं तार : गिरफ्तार आरोपी से जब्त मोबाइल फोन, रजिस्टर व डन कार्ड उपयोग करने के लिए बनाए गए एकाउंट्स के आधार पर पुलिस छानबीन कर रही है। इसमें रैकेट से जुड़े और भी लोगों के नाम सामने आने की गुंजाइश है। प्रारंभिक पूछताछ में रफीक ने बताया कि उसका संबंध नागपुर के सटोरियों से है। वह वहां बैठे लोगों से फोन और आनलाइन संपर्क कर सट्टा खिलाता था।

भास्कर ने उठाया था मुद्दा : डन कार्ड के सहारे आनलाइन सट्टा खिलाने के बारे में कुछ समय पहले दैनिक भास्कर ने विस्तृत खबर प्रकाशित की थी। इसमें कार्डस के यहां पहुंचने से लेकर उनके उपयोग तक के बारे में पूरी जानकारी दी गई थी। सिटी कोतवाली और सरकंडा थाना क्षेत्र में डन कार्ड का सबसे ज्यादा उपयोग किया जा रहा है। अभी भी शहर में कई स्थानों पर इन कार्डस के सहारे आनलाइन सट्टा खिलाया जा रहा है।

कैसे चलता है आनलाइन सट्टा : आनलाइन सट्टा खिलाने के लिए डन कार्ड का उपयोग किया जाता है। डन कार्ड के पीछे स्क्रेच करने पर एक कोड मिलता है। इंटरनेट पर जेटलॉटरी डाट काम वेबसाइट खोलने के बाद डन कार्ड का सीरीयल नंबर और सीक्रेट कोड डाला जाता है। इसके बाद इच्छानुसार नंबर पर दांव लगाया जाता है। कुछ देर बाद नतीजे घोषित हो जाते हैं। इसमें लगाया गया नंबर आने पर कई गुना अधिक रुपए मिलने की बात कही जाती है।





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