अजमेर. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सेकंडरी परीक्षा में फेल होने वाले विद्यार्थियों को अब पुनर्मूल्यांकन का सहारा है। बोर्ड ऑफिस में फेल होने वाले करीब एक हजार छात्र रोजाना रिवैल्यूएशन के आवेदन जमा कराने के लिए आ रहे हैं।
बोर्ड प्रशासन ने इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के आने के बावजूद केवल एक काउंटर खोल रखा है। इससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक नंबर का सवाल : दसवीं में दो विषयों में फेल हितेश गुर्जर अपने भाई के साथ पुनर्मूल्यांकन के लिए फार्म जमा कराने आया था। उसके भाई रविन्द्र का कहना है कि सुबह 11 बजे से लाइन में लगे हैं लेकिन इतनी भीड़ है कि तीन बजे से पहले नंबर नहीं आएगा। हितेश के गणित में 19 और विज्ञान में 32 नंबर हैं। यदि एक नंबर भी बढ़ गया तो सप्लीमेंट्री आ जाएगी और साल बर्बाद होने से बच सकता है।
लंबी लाइन से परेशानी : चकपाडली निवासी बाबूलाल चार विषयों में फेल है। उसे सप्लीमेंट्री में आने के लिए गणित में एक और संस्कृत में तीन नंबरों की जरूरत है। दो विषयों में नंबर बढ़ते हैं तो बाबूलाल को एक और मौका मिल सकता है। फार्म जमा कराने के लिए केवल एक ही काउंटर है ऐसे में बाहर से आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छात्राओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं : एक काउंटर होने से छात्राओं की परेशानी भी बढ़ गई है। भीड़ को देखकर छात्रा अमिता तो लाइन में ही नहीं लग पाई। लाइन में खड़े उसके पिता गोपाल सिंह का कहना था कि हिंदी में केवल एक नंबर बढ़ गया तो सप्लीमेंट्री आ जाएगी। उन्हें इस बात का अफसोस था कि बोर्ड प्रशासन ने छात्राओं के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं की।
काश सप्लीमेंट्री आ जाए : ब्यावर के चेतन सांखला को दो नंबरों की दरकार है। उसके रिवैल्यूएशन में यदि दो नंबर बढ़ गए तो वह सप्लीमेंट्री में आ सकता है। चेतन के हिंदी में 31 और गणित में 26 नंबर हैं।
एक काउंटर और खोलें : अजमेर के गोविंद सोनी को सप्लीमेंट्री में आने के लिए एक नंबर की दरकार है। एक काउंटर होने के कारण इनके चेहरे पर परेशानी साफ झलक रही थी। गोविंद का कहना था कि फार्म जमा कराने के लिए कम से कम दो काउंटर तो होने चाहिए थे।
छात्राओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं : एक काउंटर होने से छात्राओं की परेशानी भी बढ़ गई है। भीड़ को देखकर छात्रा अमिता तो लाइन में ही नहीं लग पाई। लाइन में खड़े उसके पिता गोपाल सिंह का कहना था कि हिंदी में केवल एक नंबर बढ़ गया तो सप्लीमेंट्री आ जाएगी। उन्हें इस बात का अफसोस था कि बोर्ड प्रशासन ने छात्राओं के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं की। काश सप्लीमेंट्री आ जाए : ब्यावर के चेतन सांखला को दो नंबरों की दरकार है। उसके रिवैल्यूएशन में यदि दो नंबर बढ़ गए तो वह सप्लीमेंट्री में आ सकता है। चेतन के हिंदी में 31 और गणित में 26 नंबर हैं।
एक काउंटर और खोलें : अजमेर के गोविंद सोनी को सप्लीमेंट्री में आने के लिए एक नंबर की दरकार है। एक काउंटर होने के कारण इनके चेहरे पर परेशानी साफ झलक रही थी। गोविंद का कहना था कि फार्म जमा कराने के लिए कम से कम दो काउंटर तो होने चाहिए थे।
केंद्राधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश : राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अटैंडेंस शॉर्ट होने के बावजूद एक छात्र को परीक्षा में शामिल करने वाले सिकराय के एक केन्द्राधीक्षक और मेरिट में सातवां स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को एक पर्चे में गैर हाजिर बताने वाले शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है।
बोर्ड सचिव मिरजू राम शर्मा ने बताया कि केन्द्राधीक्षक ने प्रवेश पत्र के बिना छात्र को परीक्षा में शामिल किया, उसने सभी पर्चे दिए। केन्द्राधीक्षक से रिकार्ड तलब किया है, लेकिन बोर्ड ने अपने स्तर पर शिक्षा निदेशक बीकानेर को केन्द्राधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई का पत्र लिख दिया है।
इसी प्रकार शिक्षा निदेशक से विवेक शर्मा नामक छात्र को गैर हाजिर बताने वाले परीक्षक के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है। विवेक को गणित के दूसरे पर्चे में परीक्षक ने गैर हाजिर बताया था, लेकिन बाद में वह मेरिट में सातवें स्थान के योग्य पाया गया।