HomeNewsRajasthanAjmer Ajmer

डॉक्टर पर लापरवाही का मुकदमा

अजमेर. लापरवाही से ऑपरेशन कर बुरा हाल करने के आरोपी जेएलएन अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ मरीज ने स्थाई लोक अदालत की शरण ली है। इस मामले में अब दोनों पक्षों के बीच राजीनामा करवाने की कोशिश की जा रही है। अदालत में शुक्रवार को मामला राजीनामे के लिए तय था लेकिन किसी कारणवश कोर्ट ने तारीख पेशी तब्दील कर दी।

मामले के अनुसार तहसील कार्यालय में कार्यरत महेंद्र कुमार ने जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में नाक, कान और गला विभाग के सह आचार्य डॉ. बीके सिंह सहित अस्पताल प्रशासन और सरकार के खिलाफ स्थाई लोक अदालत में याचिका दायर की थी। महेंद्र का कहना है कि पिछले साल मार्च में उसने कान में खुजली की शिकायत होने पर डॉ. सिंह को दिखाया था। उन्होंने कुछ दवाइयां लिखीं और ऑपरेशन के लिए घर पर मिलने की बात कही। उसका आरोप है कि डॉक्टऱ ने उससे सही ऑपरेशन के लिए एक हजार रुपए लिए। उसका ऑपरेशन 3 अप्रैल 07 को किया गया। इसके बाद उसका मुंह टेढ़ा हो गया।

महेंद्र के मुताबिक सिंह ने इस बात को स्वीकार किया कि गलती से उसकी एक नस कटने से मुंह टेढ़ा हो गया। इसके बाद उन्होंने उसे दिल्ली के एम्स अस्पताल में रेफर कर दिया। सिंह ने उसे एक चिट्ठी भी दी। महेंद्र का कहना है कि वह कई दिनों तक दिल्ली के एम्स और सफदरजंग अस्पताल के चक्कर लगाता रहा लेकिन ना तो उसका इलाज हुआ और ना ही उसे कोई राहत मिली। इससे परेशान होकर महेंद्र ने कलेक्टर को शिकायत की।

इसके बाद एसडीओ के जरिए अस्पताल प्रशासन को पत्र भेजकर महेंद्र का इलाज करने के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद उसका इलाज नहीं किया गया। आखिर में उसने जयपुर के एसएमएस अस्पताल में ऑपरेशन करवाया, लेकिन उसका मुंह ठीक नहीं हुआ।

महेंद्र ने अदालत से गुहार लगाई कि विपक्षीगण के खर्चे पर उसका ऑपरेशन किसी निजी अस्पताल में कराया जाए। इसके साथ ही इलाज में खर्च हुए 75 हजार रुपए और मानसिक क्षतिपूर्ति के तौर पर पांच लाख हर्जाना भी दिलाया जाए।

जानबूझकर नहीं किया : अस्पताल प्रशासन और डॉ. बीके सिंह ने अदालत में जवाब पेश कर कहा कि यह सामान्य प्रक्रिया के तहत होने वाली संभावित घटना है। महेंद्र को जटिल बीमारी थी और ऑपरेशन से पहले उसे संभावित परिणामों के बारे में बता दिया गया था। उसकी स्वीकृति मिलने के बाद ही ऑपरेशन किया गया था। सिंह का यह भी कहना था कि महेंद्र ने उनसे डेढ़ लाख रुपए मांगे थे। उसने यह राशि नहीं देने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी।

अब समझौते से निपटारा : इस मामले को राजीनामे से सुलझाने के लिए महेंद्र, अस्पताल प्रशासन और डॉ. सिंह के बीच सहमति हुई है। अदालत में इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। राजीनामे के लिए शुक्रवार को पेशी तय थी लेकिन कतिपय कारणों से आगे की पेशी दे दी गई है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: