भोपाल. शहर बंद की घोषणा से पेट्रोल एवं डीजल पंप भी बंद रहे। इस कारण नौकरीपेशा लोगों की परेशानी और बढ़ गई थी। कोई गाड़ी में धक्का देता हुआ नजर आया, तो कोई जहां गाड़ी का ईधन खत्म हुआ, वहीं रुक कर लिफ्ट मांगता रहा।
लोगों का कहना है कि नेताओं को शहर बंद की घोषणा करने से पहले जनता की सुविधा का ख्याल करना चाहिए। हो सकता है कोई आवश्यक रूप से अस्पताल जा रहा हो और रास्ते में पेट्रोल खत्म हो जाए। इसलिए पेट्रोल पंप को जरूरी सेवाओं में शामिल करना चाहिए।
>> मेरा मानना है कि पेट्रोल पंप को बंद नहीं किया जाना चाहिए। इससे नौकरीपेशा लोगों को बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। किसी का रिश्तेदार अस्पताल में हो तो ऐसे समय में मुश्किल और बढ़ जाती है।
डीके पाठक
>> आम जनता से जुड़ीं प्रमुख मांगों के लिए आंदोलन एवं शहर बंद जैसी घोषणाएं जरूरी है। यदि ऐसे समय में पेट्रोल पंप खुले रहते हैं तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ये बंद हों पर कुछ समय के लिए।
दर्शन सिंह चौधरी
>> आंदोलन का असर आम जीवन पर नहीं पड़ना चाहिए। इसे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होना चाहिए। मेरे विचार में पेट्रोल पंप बंद का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग पर पड़ता है। आवश्यक सेवाओं में पेट्रोल, डीजल पंप को शामिल किया जाना चाहिए।
राजेन्द्र शर्मा
>> पेट्रोल पंपों को अब आवश्यक सेवा में शामिल कर दिया जाना चाहिए। इससे कालाबाजारी पर रोक लेगेगी और बीच रास्ते में पेट्रोल खत्म होने से परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। यह बंद नहीं होने चाहिए।
किरण सलूजा