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संसद में बहुमत साबित करें मनमोहन : आडवाणी

नई दिल्ली.करार के मुद्दे पर सरकार के समर्थन और विरोध में राजनीतिक सरगर्मी शनिवार को और तेज हो गई। भाजपा ने जहां सरकार से तत्काल संसद का सत्र बुलाकर विश्वासमत हासिल करने की मांग की वहीं समाजवादी पार्टी द्वारा इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन किए जाने से यूपीए में बिखराव की स्थिति पैदा हो गई है। लेफ्ट ने सपा के रुख पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि अब राजनीति में विश्वासघातियों के दिन आ गए हैं।

सरकार चलाने का नैतिक अधिकार खोया यूपीए सरकार से वामदलों के समर्थन वापस लेने से पहले ही भाजपा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से संसद में अपना बहुमत सिद्ध करने की मांग कर दी है। इसके लिए पार्टी ने अगस्त में प्रस्तावित मानसून सत्र का इंतजार न करके फौरन संसद का विशेष अधिवेशन बुलाने की मांग भी रखी है। लालकृष्ण आडवाणी ने शनिवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता जसवंत सिंह के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार शासन चलाने का नैतिक अधिकार तो खो ही चुकी है, अब उसे संसद के पटल पर आवश्यक संख्याबल साथ है या नहीं इसे भी जल्द से जल्द साबित करना होगा।

सौदेबाजी हो रही है :

आडवाणी ने कांग्रेस पर अपनी सत्ता बचाने के लिए सपा के साथ सौदेबाजी करने का आरोप लगाया। भाजपा नेता ने कहा कि यदि सरकार विश्वास मत हासिल करने के लिए आगे नहीं आती तो भाजपा राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील से मांग करेगी कि वे प्रधानमंत्री को ऐसा करने के निर्देश दें।

बराबरी का रिश्ता :

आडवाणी ने परमाणु करार पर भाजपा के रुख को दोहराते हुए कहा, ‘पार्टी मौजूदा स्वरूप में एटमी करार के खिलाफ है। हम अमेरिका से अच्छे संबंधों के पक्षधर हैं और सिर्फ मैत्री ही नहीं बल्कि उससे आगे जाने को तैयार हैं, लेकिन यह रिश्ता बराबरी का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आई तो करार पर नए सिरे से विचार करेगी।

सरकार गिराने की योजना थी

भाजपा नेता जसवंत सिंह के मुताबिक गत वर्ष राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भाजपा की यूएनपीए नेताओं के साथ मिलकर सरकार गिराने की योजना थी। सिंह ने कहा कि पिछले साल हुए राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भाजपा राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार भैरोसिंह शेखावत को समर्थन देने के बदले यूएनपीए के किसी भी सदस्य को प्रधानमंत्री बनाने के लिए बाहर से समर्थन देने को राजी थी।

कांग्रेस अब यूपीए सरकार बचाने के लिए मुलायम की मदद से मनमोहन सरकार की टांगों की सर्जरी करने में जुटी है।

आडवाणी, प्रेस कान्फ्रेंस में

हमारे लिए बुश से बड़े दुश्मन आडवाणी हैं और अमेरिका से बडी दुश्मन भाजपा है। इनसे निपटने के लिए कांग्रेस के करीब आए हैं।

अमरसिंह, सपा, महासचिव ।





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